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मूंगफली की आवक ठीक, दाना कमजोर-City

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मूंगफली की उपज दुरुस्त, दाना सुस्त
- कम बारिश के बावजूद पैदावार में कमी नहीं
- मजबूत दाना न होने से 50 फीसदी गिरी दर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
इस बार जनपद में मूंगफली की पैदावार तो अच्छी हुई लेकिन कम बारिश के चलते दाना कमजोर रह गया। इससे मूंगफली की खरीद दरों में पचास फीसदी तक की गिरावट आई है। कई किसान लागत नहीं निकलने की वजह से परेशान हैं।
जनपद में औसतन लगभग 850 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए लेकिन वर्षा का आंकड़ा इस साल पचास फीसदी तक ही पहुंच सका। अच्छी बारिश नहीं होने का असर मूंगफली की फसल पर भी पड़ा है। मूंगफली की फसल को चार से पांच बार पानी की जरूरत होती है। कई किसान फसलों को अच्छा पानी नहीं दे पाए। कम बारिश और धूप तेज होने से मूंगफली का दाना कमजोर और छोटा रह गया है। हालांकि, आवक में कमी नहीं आई है। पिछले साल अक्तूबर में 1.10 लाख क्विंटल मूंगफली की आवक मंडी में हुई थी, इस बार लगभग एक लाख क्विंटल आ चुकी है। चूंकि, दीपावली के बाद एकदम से मंडी में आवक की बढ़ोतरी हुई है, इससे किसानों को माल बेचने में काफी इंतजार भी करना पड़ रहा है। किसी को एक, दो तो किसी का तीन दिन बाद नंबर आ रहा है।
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गिर गई दरें
कमजोर दाने की वजह से मूंगफली की खरीद दर भी गिर गई है। पिछले साल तक चार हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मूंगफली बिकी। इस बार 2200 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मूंगफली की बिक्री हो रही है। ऐसे में कई किसानों की लागत तक नहीं निकल सकी है।

किसान बोले
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बिना मुनाफे की बिक्री
मूंगफली की बुवाई के बाद इस बार उपज तो ठीक निकली है मगर दाने ने निराश कर दिया। फसल में खर्च हुआ पैसा तक नहीं निकल पाया है। बिना मुनाफे के बिक्री करनी पड़ रही है। - मंटू यादव, निवासी थोना।

हो गया नुकसान
कम बारिश होने के कारण फसल को इस बार नुकसान हो गया है। पिछली साल 10 बीघा की खेती में 70-75 बोरे मूंगफली निकलती थी, इस बार 40-50 ही उपज हो सकी है। - राम सिंह, निवासी गढ़मऊ।

तीन दिन बाद आया नंबर
मंडी में बुधवार को मूंगफली बेचने आया था। शुक्रवार को तीन दिन के बाद नंबर आ सका है। दिन और रात खड़े रहने से काफी परेशानी भी हुई। कई बार जाम में वाहन फंसे रहे। - दिलीप, राजापुर।

व्यापारी बोले
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चार साल बाद दाना कमजोर
क्षेत्र में कहीं कम और कहीं ज्यादा बारिश हुई है। इससे मूंगफली की उपज भी कम-ज्यादा हुई है। चार-पांच साल बाद मूंगफली का दाना कमजोर आया है। - अर्पित वासन।

50 फीसदी दरें गिरीं
दाना कमजोर होने से पचास फीसदी तक मूंगफली की दरें गिर गई हैं। पिछले साल चार हजार रुपये तक तो इस बार अधिकतम 2800 रुपये प्रति क्विंटल बिक्री हुई। - आलोक राय।

सभी करों से मिले छूट
मूंगफली में किसानों को नुकसान हुआ है। कृषि उपज से सभी कर में छूट दी जानी चाहिए। अभी तिलहन में पांच फीसदी जीएसटी, ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क लगता है। - सुधीर अग्रवाल।
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वर्जन..
दीपावली बाद बढ़ी आवक
कम बारिश से मूंगफली की आवक पर फर्क नहीं पड़ा लेकिन दाना छोटा और कमजोर रह गया है। दीपावली के बाद आवक ने गति पकड़ी है। अक्तूबर में 97,000 क्विंटल मूंगफली मंडी में आई है। रोजाना चार-पांच क्विंटल मूंगफली आ रही है। 2200 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल मूंगफली खरीदी जा रही है। - मनीष सिंह, मंडी सचिव।
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