सिविक एमीनिटीज
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जन-जन ने अब ठाना, झांसी को कचरा मुक्त बनाना
- स्वच्छता मुहिम में होटल, मॉल व नर्सिंग होम भी जुड़ेंगे
- चार जनवरी 2018 में शुरू होगा नगर में सर्वेक्षण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बृहस्पतिवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समितियाें की बैठक हुई। इस दौरान समितियों को उनके काम क्या हैं, इसकी जानकारी दी गई। बताया गया कि चार जनवरी 2018 से शुरू हो रहे स्वच्छता सर्वेक्षण में महानगर को सफाई में ज्यादा से ज्यादा नंबर दिलाने के लिए होटल, नर्सिंग होम और मॉल को जोड़ा जाएगा।
वातावरण प्रोत्साहन समितियाें का कार्यकाल एक साल का होगा। इसका अध्यक्ष भी चुना जाएगा। समितियों का उद्देश्य यह है कि इसके सदस्य अपने वार्ड में सफाई पर ध्यान दें। मोहल्ले वालों को बताएं कि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखें। हरे डस्टबिन में गीला कचरा जैसे सब्जी, आटा या रोटियां रखें और नीले डस्टबिन में साबुन के रैपर, पॉलीथिन, ब्लेड, रेजर, टूथब्रश आदि रखें। कचरे को इधर-उधर न फेंककर डोर-टू-डोर कलेक्शन में सहयोग के लिए लोगों को प्रेरित करें। बैठक में निर्णय हुआ कि होटल, नर्सिंग होम व मॉल को इस मुहिम से जोड़ा जाएगा, ताकि इनके बाहर अथवा बगल से निकले नालियों और नालों में कचरा डालना बंद हो सके। मॉल या मार्केट में जगह-जगह डस्टबिन रखे जाएंगे।
इस मौके पर अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश बाबू, अधिशासी अभियंता एके शर्मा, जेई एमके जैन, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक महेश चंद्र वर्मा, पूर्व पार्षद अरुण द्विवेदी, व्यापारी नेता संजय पटवारी, एसीएम नन्हकू, रविचंद्र निरंजन, मनोज कुमार श्रीवास्तव, जिला जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार तिवारी व अतुल जैन उपस्थित रहे।
इनसेट
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इंदौर में नहीं एक भी कचरा घर
नगर आयुक्त ने बताया कि इंदौर देश का एकमात्र ऐसा शहर है, जिसने स्वच्छता सर्वेक्षण में पहला स्थान प्राप्त किया। यहां एक भी कचरा घर नहीं है। बल्कि, यहां हर व्यक्ति डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में सहयोग करता है। इसलिए यहां सड़कों पर न कचरा दिखाई देता है और न कचरा घर।
रात में सफाई करने वालों को रोकती है पुलिस
नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि शहर में रात में भी सफाई कार्य किया जा रहा है। लेकिन, पुलिस कर्मी सहयोग नहीं कर रहे हैं। वह रात को सफाई करने वाले कर्मचारियों को मना करते हैं। पुलिस का आरोप है कि चोरी करने में सफाई कर्मचारियों का हाथ होता है। इससे सफाई कार्य में व्यवधान आ रहा है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है, जल्द ही इसका समाधान हो जाएगा।
एक अधिकारी को दो-दो वार्डों की जिम्मेदारी
स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर नगर निगम के 60 वार्डों में से दो- दो वार्डों की जिम्मेदारी एक अफसर को सौंप दी गई है। यह अफसर स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समितियाें के साथ हर महीने बैठक करेंगे और समिति के सदस्यों के सुझाव लेंगे कि वार्ड में सफाई के लिए क्या-क्या बेहतर किया जा सकता है। सुझाव नगर के हित के होंगे तो उन पर अमल किया जाएगा। इस दौरान पूर्व पार्षद शफीक मकरानी ने सुझाव दिया कि नाली ढंकी होनी चाहिए, जिससे कचरा उसमें न जाए। नालियों की सफाई के बाद तुरंत कचरा साफ करा देना चाहिए, जबकि अभी होता यह है कि कचरा निकालने के बाद तीन से चार दिन तक सूखने के नाम पर वहीं पड़ा रहता है। जब तक कचरा गाड़ी उसे उठाने आती है, तब तक आधा कचरा फिर से नालियों में पहुंच जाता है। विधायक रवि शर्मा ने कहा कि एक समय था जब झाड़ूू से हम सब दूर भागते थे, लेकिन अब हम सब झाड़ू लगा रहे हैं। यह बदलाव का प्रतीक है। नगर आयुक्त ने कहा कि नागरिक सुरक्षा संगठन के सदस्यों को सफाई अभियान से जोड़ेंगे। स्वच्छता समितियों के सुझावों पर अमल करेंगे, ताकि सफाई नजर आए।