खेल-खेल में ट्रेन पर चढ़ी 14 वर्षीय किशोरी नेहा रविवार को दोपहर में अपने घर पहुंच गई। उसके आते ही परिवार में खुशी छा गई। मां अपनी पुत्री को देखते ही रो पड़ी और उसे गले लगा लिया। इसके बाद उसके परिजन उसे लेकर कोतवाली चले गए, जहां पुलिस ने उससे पूछताछ की। दोपहर बाद उसकी मां उसे लेकर मंदिर गई और बेटी के लौटने पर प्रसाद चढ़ाया।
कोतवाली के अंतर्गत ग्राम सभा खांदी के मजरा गनेशपुरा निवासी रामजी लाल कुशवाहा की 14 वर्षीय किशोरी जो मानसिक रूप से कमजोर बताई जा रही है। एक दिसंबर को खेल-खेल में ट्रेन की कपलिंग पर बैठकर कानपुर पहुंच गई थी। जो आठ दिन कई ट्रेनों की कपलिंग पर घूमती रही।
उसे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस से उतार कर चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया था। जैसे ही नेहा के कानपुर में मिलने की सूचना उसके पिता रामजी लाल को मिली, वह उसे लेने अपने कुछ परिजनों के साथ कानपुर के लिए शुक्रवार को घर से निकल पड़े।
कोरोना गाइड लाइन के तहत शुक्रवार को तालबेहट रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस में उन लोगों को चढ़ने नहीं दिया गया। इस कारण वह शनिवार को कानपुर गए। रविवार को जब नेहा के पिता रामजी लाल उसे लेकर अपने घर पहुंचे तो पूरे परिवार में खुशी छा गई। परिजनों के अलावा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रघुराज यादव सहित आसपास के लोग रामजी के घर पहुंचे।