लोकसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में 14 टीम गठित कर दी गईं हैं। अलग - अलग जिम्मेदारियों के साथ टीमों की कमान अफसरों के हाथ में सौंपी गई है। आचार संहिता लागू होते ही टीमें सक्रिय हो जाएंगी।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता अभी भले ही लागू न हुई हो, परंतु निर्वाचन आयोग अपनी तरफ से तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। आयोग के निर्देश पर चुनाव को सुगमता से संपन्न कराने के लिए जिले में चौदह टीमें गठित कर दी गईं हैं। सभी टीमों की अलग - अलग जिम्मेदारियां भी तय कर दी गईं हैं।
निर्वाचन के कर्मचारियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण कमान सीडीओ संभालेंगे। आदर्श आचार संहिता का अनुपालन सुनिश्चित कराना नगर आयुक्त की जिम्मेदारी होगी। कंट्रोल रूम उद्यान विभाग के उप निदेशक संभालेंगे। शांति व्यवस्था व संवेदनशील बूथों की व्यवस्था एडीएम (वित्त एवं राजस्व) के हाथ होगी। वाहन एवं यातायात व्यवस्था नगर मजिस्ट्रेट देखेंगे। ईवीएम के आवंटन, वितरण और वापसी की व्यवस्था बंदोबस्त अधिकारी बनाएंगे।
जेडीए के सचिव टेंट, लाइट, साउंड की व्यवस्था संभालेंगे। जबकि, फोटोयुक्त वोटर लिस्ट व निर्वाचन से संबंधित अन्य व्यवस्थाएं एडीएम (प्रशासन) संभालेंगे। खर्च का हिसाब मुख्य कोषाधिकारी रखेंगे। खानपान की व्यवस्था डीएसओ के हाथ होगी। कम्यूनिकेशन प्लान जेडीए के अधिशासी अभियंता तय करेंगे। माइक्रो आब्जर्वर के रूप में डीआरडीए के परियोजना निदेशक तैनात रहेंगे।
इसके अलावा लेखन सामग्री की व्यवस्था व वितरण सहकारी समितियों के उप निदेशक, हैल्पलाइन जिला बचत अधिकारी, वीडियोग्राफी व सीसी टीवी कैमरों की व्यवस्था उप निदेशक पंचायत और सूचना प्रेषण का काम अर्थ एवं संख्या विभाग के उप निदेशक देखेंगे।