झांसी। बुंदेलखंड मेें अवैध खनन और उसके परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। क्षेत्र के छह जिलों में जांच के लिए 14 टीमों का गठन किया गया है। सभी टीमें आधुनिक संसाधनों से लैस रहेंगी। प्रतिदिन की कार्रवाई की सीधी रिपोर्ट शासन को देंगी।
बुंदेलखंड में खनिज संपदा का अकूत भंडार है। यही वजह है कि क्षेत्र को बालू और पत्थर की खान माना जाता है। यहां अवैध खनन भी जोरों पर जारी है। इसके अलावा खनिज संपदा का अवैध रूप से परिवहन भी धड़ल्ले से जारी है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब शासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शासन ने चौदह सचल दल मैदान में उतारे हैं। इनमें झांसी, बांदा व महोबा के लिए तीन-तीन, चित्रकूट व जालौन के लिए दो-दो तथा ललितपुर के लिए एक सचल दल का गठन किया है। सभी सचल दलों को रीडर मशीन के अलावा लैपटॉप, इंटरनेट, कैमरा व प्रिंटर की व्यवस्था जिला खनिज न्यास निधि से कराई गई है। सचल जांच दल को सहयोग के लिए संबंधित पुलिस थानों को भी निर्देश दिए हैं। इस संबंध में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव डॉ. रोशन जैकब ने निर्देश जारी कर दिए हैं।