संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। एरच में 132 केवी बिजलीघर बनकर तैयार हो गया है। अब केवल लाइनों का निर्माण किया जा रहा है। लाइनें बनते ही डिफेंस कॉरिडोर के साथ एरच और खड़ेनी क्षेत्र के उपकेंद्रों को आपूर्ति दी जाएगी। इससे जहां बिजली की जो समस्याएं अभी तक बनी थीं, वह काफी हद तक दूर होंगी और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली प्राप्त होगी।
एरच क्षेत्र में अभी तक गुरसरांय बिजली घर से बिजली मिलती थी। यहां की दूरी काफी अधिक होने के चलते लाइनों में फाल्ट आने पर समस्या होती थी। यहां डिफेंस कॉरिडोर के लिए 132 केवी क्षमता के बिजली घर को मंजूर किया गया। इसका निर्माण 2021 में शुरू किया गया था। अब यह बनकर तैयार हो गया है। लाइनों का निर्माण किया जा रहा है। यहां से डिफेंस कॉरिडोर के चार फीडर और खड़ेनी और एरच के लिए लाइन प्रस्तावित है। इनमें वर्तमान में डिफेंस कॉरिडोर की एक लाइन बन चुकी है। शेष लाइनों का कार्य जारी है।
क्षेत्र का होगा विकास, कारोबारी होंगे आबाद
बिजली की किल्लत यहां की प्रमुख समस्या है। इसके पीछे वजह एरच उपकेंद्र की लाइन गुरसराय से मिलना है, जो काफी दूर है। लाइन फाल्ट में आने से पहले तो इसे ढूंढ़ने में ही समय लगता है और फिर सुधार कार्य में। इससे आपूर्ति घंटों बाधित बनी रहती है। अब एरच में ही पावर हाउस होने से कई समस्याएं हल होंगी। बिजली की किल्लत के चलते कारोबारी यहां कार्य में दिलचस्पी नहीं दिखाते थे। अब वह यहां आबाद होंगे। इसके साथ ही क्षेत्र का विकास भी होगा।
वर्जन -
- 132 केवी एरच बिजली घर का निर्माण पूरा हो चुका है। लाइनों का निर्माण जारी है। लाइनों के बनने के बाद आपूर्ति शुरू की जाएगी। अभी डिफेंस कॉरिडोर की चार लाइनों में से एक लाइन बनी है, इसे जोड़ा गया है। - विनोद जायसवाल, अधिशासी अभियंता, विद्युत ट्रांसमिशन खंड, झांसी