एक मरीज, दो पैथोलॉजी, अलग-अलग रिपोर्ट
- सीएमओ से की गई शिकायत, जांच कमेटी गठित
- मरीज का सैंपल निकलवाकर मेडिकल कॉलेज भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। एक मरीज की दो पैथोलॉजी ने अलग-अलग रिपोर्ट दे दी। मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की गई, तो उन्होंने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इसके अलावा मरीज का सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। अब जिसकी रिपोर्ट गलत मिलेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।
आयुर्वेदिक कॉलेज के कई छात्र-छात्राओं को डेंगू की शिकायत होने पर सीएमओ जांच के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सालय पहुंचे थे। सीएमओ ने बताया कि 36 छात्र-छात्राएं स्वस्थ मिले। सिर्फ चार को बुखार आया था। एक छात्र अशोक कुमार को मेडिकल कॉलेज गेट नंबर तीन के सामने निजी नर्सिंग होम को भर्ती कराया गया था। सीएमओ जांच के लिए नर्सिंग होम पहुंचे। सीएमओ डॉ. सुशील प्रकाश ने बताया कि अशोक को डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
उसका एलाइजा टेस्ट नहीं कराया गया है। जबकि एलाइजा की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तब ही डेंगू मरीज माना जाता है। उन्होंने बताया कि अशोक के दोस्त शुभम शर्मा ने उन्हें दो पैथालॉजी की जांच रिपोर्ट दिखाते हुए शिकायत की है कि दोनों ने ही अलग-अलग रिपोर्ट दी है। मेडिकल कॉलेज गेट नंबर तीन के सामने ओम पैथोलॉजी से जांच कराने पर अशोक की जांच रिपोर्ट में आठ हजार प्लेटलेट्स होने की बात लिखी है, जबकि मेडिकल कॉलेज गेट नंबर एक के सामने स्थित गीता पैथोलॉजी की जांच में 81 हजार प्लेटलेट्स बताई गई है। सीएमओ ने बताया कि ओम और गीता पैथोलॉजी में किसकी रिपोर्ट सही है, इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। इसके अलावा अशोक का सैंपल निकलवाकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया है। जिस पैथालॉजी की रिपोर्ट गलत होगी उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी।
कमाई कर रहे नर्सिंगहोम
सीएमओ ने कहा कि नर्सिंगहोम बिना एलाइजा टेस्ट कराए ही मरीज को डेंगू पीड़ित बताकर प्लेटलेट्स चढ़ा रहे हैं और मरीजों से बेवजह ही मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। इसमें पैथोलॉजी से उनकी मिलीभगत है। इससे समाज में डेंगू को लेकर गलत संदेश जा रहा है। जल्द ही छापामार कार्रवाई की जाएगी।