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राजकीय, अनुदानित कॉलेजों में रिक्त सीटों के पंजीकरण खुले -City

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राजकीय, अनुदानित कॉलेजों की खाली सीटों पर कराएं पंजीयन
सब हेड: बीएससी-एजी, बीएलएड की रिक्त सीटें खुद नहीं भर पाएंगे कॉलेज
- बीयू में हुई प्रवेश समिति की बैठक में लिया गया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने राजकीय और अनुदानित कॉलेजों में रिक्त सीटों के लिए फिर से पंजीकरण खोल दिए गए हैं। बीयू के कुछ कैंपस कोर्सों में एक तो कुछ में दो सेक्शन बढ़ाए गए हैं। नई बात ये है कि अब कॉलेज बीएससी एग्रीकल्चर साइंस और बीएलएड की रिक्त सीटों को अपने स्तर से नहीं भर पाएंगे। बृहस्पतिवार को परीक्षा समिति की बैठक में यह फैसले लिए गए।
प्रथम बार पंजीकरण खोलने के बावजूद कुछ राजकीय और अनुदानित कॉलेज में स्नातक व परास्नातक प्रथम वर्ष के कई कोर्सों की सीटें नहीं भर सकी थीं। इस पर कॉलेज प्राचार्यों ने बीयू प्रशासन को पत्र लिखकर दोबारा पंजीकरण खोलने की मांग की थी। बीयू अधिकारियों ने मांग स्वीकार करते हुए रिक्त सीटों पर फिर से रजिस्ट्रेशन खोल दिए गए हैं। इसके अलावा कैंपस कोर्सों में गणित विभाग, बीएससी गणित, अर्थशास्त्र एवं वित्त विभाग, बीएससी व एमएससी फॉरेंसिक साइंस, फूड टेक्नोलॉजी, हिंदी विभाग में 60-60 सीटों का एक-एक सेक्शन बढ़ाया गया है। वहीं, बीएससी बायोलॉजी में 120 सीटों का दो सेक्शन बढ़ाया है। प्रवेश समिति में यह भी फैसला हुआ कि पिछली बार की तरह इस बार कॉलेज बीएससी एग्रीकल्चर साइंस और बीएलएड की सीटों सीधे नहीं भर पाएंगे। विश्वविद्यालय अपने स्तर से छात्र-छात्राओं को सीट आवंटन करेगा। इससे प्रवेश प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।
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ललितपुर के नेहरू महाविद्यालय और बांदा के जिला परिषद महाविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर साइंस में 240-240 प्रवेश हो सकेंगे। राठ के अभिनव प्रज्ञा महिला महाविद्यालय, बाबा ध्यानीदास महाविद्यालय और जालौन के शहीद भगत सिंह साइंस महाविद्यालय ने संबद्धता समाप्ति अथवा शून्य सेशन करने के लिए विश्वविद्यालय में प्रार्थनापत्र दिया था। बैठक में फैसला हुआ कि इन कॉलेजों को जिन विद्यार्थियों ने प्रथम विकल्प के रूप में चुना है, उन्हें द्वितीय विकल्प के आधार पर प्रवेश दे दिए जाएं। वहीं, जो छात्र-छात्राएं द्वितीय व तृतीय वर्ष में पढ़ रहे हैं, उन्हें पास का ही कोई महाविद्यालय आवंटित कर दिए जाए। इसके लिए डॉ. एमएम सिंह, डॉ. पूनम श्रीवास्तव, उपकुलसचिव रामचंद्र अवस्थी को कमेटी का सदस्य बनाया गया है, जो उपयुक्त कॉलेज का चयन करेंगे। अब तक जिन कॉलेजों ने भौतिक सत्यापन नहीं कराया और कोई प्रार्थनापत्र भी नहीं दिया है, उनमें प्रवेश प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया। बैठक में कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे, कुलसचिव सीपी तिवारी मौजूद रहे।
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कॉलेजों को अर्थदंड में राहत
बीयू में बृहस्पतिवार को ही परीक्षा समिति की भी बैठक हुई। इसमें वार्षिक परीक्षा के दौरान कॉलेजों पर लगाए गए अर्थदंड में रियायत दी गई। जिन कॉलेजों पर सीसीटीवी कैमरे न चलने पर 50,000 रुपये अर्थदंड लगाया गया था, उसे घटाकर 25 हजार कर दिया गया। वहीं, जिन पर 50 हजार से दो लाख रुपये तक जुर्माना लगा था, उसे एक तिहाई कर दिया गया। सामूहिक नकल में पकड़े गए कॉलेजों को लगाए गए एक लाख अर्थदंड की जगह 75 हजार और डेढ़ लाख की जगह एक लाख जमा करना होगा।
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