मुंबई में बारिश से बिगड़ी ट्रेनों की चाल
तीन रेलगाड़ियां निरस्त, बाकी 15 घंटे से अधिक लेट
यात्रियों को हो रही परेशानियां
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
लगातार बारिश के कारण मुंबई से आने वाली ट्रेनों की चाल धीमी पड़ गई है। बुधवार को तीन ट्रेनें निरस्त रहीं तो पुष्पक एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस, उद्योग नगरी एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस 15 घंटे से अधिक की देरी से चल रहीं थीं। ट्रेनें लेट होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुंबई में हो रही लगातार बारिश का असर बुधवार से ट्रेनों पर पड़ना शुरू हो गया। रेल प्रशासन ने बुधवार को मुंबई से फिरोजपुर जाने वाली पंजाब मेल और दादर से अमृतसर जाने वाली दादर एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया। इसी तरह नागपुर से मुंबई जाने वाली दूरंतो एक्सप्रेस के आसनगांव और वाशिंद स्टेशनों के बीच पटरी से उतरने की घटना के कारण मंगलौर से श्रीवैष्णो देवी धाम कटरा जाने वाली नवयुग एक्सप्रेस को रद कर दिया गया। इन ट्रेनों से जाने वाले 60 से अधिक यात्रियों को अपने आरक्षण निरस्त कराने पड़े।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस से कानपुर जाने वाली 12173 उद्योग नगरी एक्सप्रेस, 12542 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस, मुंबई से लखनऊ जाने वाली 12534 पुष्पक एक्सप्रेस, 15064 लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस, अर्नाकुलम से निजामुद्दीन जाने वाली 12617 मंगला एक्सप्रेस, मुंबई से इलाहाबाद जाने वाली 22129 तुलसी एक्सप्रेस 15 घंटे से अधिक देरी से चल रही थी। इन ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों का बुरा हाल रहा।
पौने चार घंटे लेट गई इंटरसिटी
झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी बुधवार की सुबह पौने चार घंटे देरी से रवाना हुई। इससे गुस्साएं यात्रियों ने प्लेटफार्म पर हंगामा किया। रात 10.35 बजे लखनऊ से झांसी आने वाली इंटरसिटी मंगलवार की रात तकनीकी कारणों से पांच घंटे देरी से झांसी आई। इस कारण सुबह 6.10 बजे अपने समय से रवाना नहीं हो सकी। इस ट्रेन को जब सुबह आठ बजे तक भी प्लेटफार्म पर नहीं लाया गया, तब यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। यात्री बार-बार पूछताछ कार्यालय में जानकारी लेने आने लगे। मगर, उनको कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा था। बाद में 9.20 बजे इस ट्रेन को प्लेटफार्म पर लाया गया और 9.40 बजे आगे के लिए रवाना हो सकी। मालूम हो कि, झांसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस से प्रतिदिन 250 से अधिक दैनिक यात्री चिरगांव, मोंठ, उरई, कानपुर स्टेशनों के लिए यात्रा करते हैं। ट्रेन के लेट होने पर दैनिक यात्रियों की पूरी दिनचर्या खराब हो जाती हैं।