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महानगर में अब दौड़ रही हैं 13 इलेक्ट्रिक बसें, प्रतिदिन कर रहे 500 लोग यात्रा

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झांसी। महानगर की सड़कों पर अब 13 इलेक्ट्रिक बसें चलने लगी हैं। पहले तो महानगर में पांच ही बसें चलाई गईं थी। लेकिन बाद में लोगों का रुझान देखकर दस बसें और बढ़ा दी गई हैं। जिससे अब 13 इलेक्ट्रिक बसें महानगर की सड़कों पर दौड़ने लगी हैं। लेकिन अभी बसों में सवारियां उतनी नहीं मिल रही हैं। विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही सवारियों की संख्या में इजाफा हो जाएगा। कोराना संक्रमण के चलते भी लोग कम सफर कर रहे हैं।
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ये हैं रूट
1- कोछाभांवर से बरुआसागर
2- कोछाभांवर से रेलवे स्टेशन से चिरगांव
3- कोछाभांवर से बबीना होकर अंबाबाय
4- कोछाभांवर से वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन
5- कोछाभांवर से झलकारीबाई होते हुए रक्सा
ये है इलेक्ट्रिक बसों का किराया
एक से तीन किलोमीटर के बीच - पांच रुपये
चार से छह किलोमीटर तक - 10 रुपये
सात से नौ किलोमीटर तक - 15 रुपये
10 से तेरह किलोमीटर तक - 20 रुपये
14 से 18 किलोमीटर तक - 30 रुपये
19 से 21 किलोमीटर तक - 35 रुपये
21 से 24 किलोमीटर तक - 40 रुपये
25 से 30 किलोमीटर तक - 45 रुपये
प्रतिदिन करते हैं 500 लोग यात्रा, होती है करीब 32 हजार की कमाई
महानगर के पांच रूटों में चलने वाली बसों में प्रतिदिन 500 यात्री यात्रा करते हैं, जिससे प्रतिदिन 31 हजार 616 रुपये की कमाई होती है। इस दौरान सबसे ज्यादा सवारी कोछाभांवर से बरुआसागर रूट पर मिलती हैं। वहीं, रेलवे स्टेशन के रूट पर ट्रैफिक की समस्या के कारण यात्रियों को समय अधिक लग जाता है, जिससे परेशान होना पड़ता है।
महोबा के रहने वाले मोहन सिंह ने बताया कि बस कंडक्टर की पहली नौकरी है, इसमें काम मिलने से बहुत उत्साहित हूं।
अनिल वर्मा ने बताया कि वह बबीना से अंबाबाय जाने वाली बस में कंडक्टर हैं, दो से तीन स्टापेज बढ़ाने से यात्री बढ़ जाएंगे।
अगर बस का किराया कम कर दिया जाए, तो यात्री ज्यादा मिलेंगे और इससे बस की कमाई भी होगी। - साहब सिंह, ड्राइवर
कभी - कभी यात्री पहले तो बस में चढ़ आते हैं, उसके बाद किराया सुनकर फिर उतर जाते हैं। - जीतू नापित, ड्राइवर
फरवरी - मार्च में आएंगी 10 और बसें
महानगर में अभी 15 बसें आ चुकी हैं। बोर्ड की बैठक में रूट बढ़ने के साथ ही 10 और इलेक्ट्रिक बसों का तोहफा दिया जाएगा।
टीसीए की बैठक में चुनाव के बाद लिए जाएंगे अहम फैसले
किराये के बढ़ाने और घटाने के साथ, किस रूट पर बस के नये संचालन कराने का निर्णय बोर्ड की बैठक में लिया जाता है। बैठक में चेयरमैन अध्यक्ष, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज, नगर आयुक्त निदेशक, पुलिस अधीक्षक और आरटीओ मौजूद रहते हैं।
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अभी तो बसों के संचालन के ज्यादा दिन नहीं हुए हैं लेकिन अभी तक लोड फैक्टर ज्यादा नहीं बढ़ा है। इसके लिए रूटों पर सब स्टापेज बनाए जाएं। वहां पर शेड डाला जाए। वहां पर किराये की सूची भी लगाई जाए। इसके अलावा महानगर में गांव के परमिट पर जो आटो चल रहे हैं उनको बाहर किया जाए। यहां पर 15 बसें में 13 का संचालन हो रहा है। एक की बैटरी नहीं आई है। एक बस की चेचिस में नंबर सही नहीं है। इससे उसका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। - हिकमत उल्ला खां, संचालन प्रभारी
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