झांसी। गेहूं खरीद खत्म हो जाने के चार दिन बाद भी 13.47 करोड़ कीमत का करीब 6920 मीट्रिक टन सरकारी गेहूं गोदाम के भीतर नहीं रखा जा सका। पूरा गेहूं बाहर खुले में रखा हुआ है जबकि कभी भी मानसूनी बारिश आरंभ हो सकती है।
पीसीएफ एवं अन्य सहकारी क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद के बाद इसकी एफसीआई गोदामों में सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी होती है। इस बार रबी सीजन में 30 जून तक गेहूं की खरीद हुई। झांसी में कुल 77 केंद्रों के जरिए 73793.31 मीट्रिक टन खरीद हुई। नियमों के मुताबिक खरीद के चौबीस घंटे के भीतर गेहूं को सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है। यहां इसे एफसीआई गोदाम में रखा जा रहा है लेकिन, खरीद प्रक्रिया पूरी होने के चार दिन बाद भी खरीदा गया पूरा गेहूं गोदाम में नहीं भेजा जा सका। सरकारी आंकड़ों के ही मुताबिक 13.47 करोड़ रुपये कीमत का कुल 6920 मीट्रिक टन गेहूं अभी खरीद केंद्रों के पास है जबकि मानसून झांसी में दस्तक दे चुका। कभी भी यहां झमाझम बारिश शुरू हो सकती है। ऐसे में अगर बारिश हुई तब इस गेहूं के खराब हो जाने का खतरा पैदा हो जाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एफसीआई गोदामों में क्वालिटी कंट्रोल के नाम पर जमकर मनमानी की जा रही है। गोदामों के बाहर ट्रकों की कतार खड़ी रहती है लेकिन, अनाज नहीं रखा जा रहा।
एफसीआई प्रबंधन से बात की गई है। आंतरिक स्टॉक मिलान की कार्रवाई के चलते अभी नहीं रखा जा रहा है। जल्द ही सारा स्टॉक अंदर रखवाया जाएगा।
नरेंद्र कुमार , डीएफओ