नहर की सफाई से बाहर आई गंदगी
ललितपुर। बुधवार को सिंचाई विभाग के अफसरों ने ढकी हुई नहर की सफाई कराने के लिए स्लैब तुड़वाया। इससे नहर के अंदर भरी वर्षों पुरानी गंदगी बाहर आ गई। सिंचाई विभाग की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में असंतोष फैल गया। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया। अफसरों को बीच में ही अपना काम बंद करना पड़ा।
गोविंद सागर बांध से सिंचाई के लिए दाई व बाई नहर निकाली गई है। इनमें से छोटी नहर मुहल्ला आजादपुरा से होकर निकली है। इसके कुछ हिस्से को बस्ती होने के चलते स्लैब(सीमेंट पटिया) से ढका गया है। हर साल नहर में पानी छोड़ने से पहले इसकी सफाई कराई जाती थी। लेकिन नहर ढकी होने के चलते कुछ हिस्से की सफाई नहीं हो पाती थी। बीते महीनों में जब नहर को खोला गया तो पानी नहर की टेल तक नहीं पहुंच पाया। कई किसानों ने इसकी शिकायत की। सिंचाई विभाग के अफसरों ने इस तरह की शिकायतों के निस्तारण के लिए नहर के ढके हिस्से की सफाई कराने का निर्णय लिया। बुधवार को सिंचाई विभाग के अफसर जेसीबी के साथ एक शादीघर के पास पहुंच गए। यहां जेसीबी ने नहर का एक पटिया हटाया तो नहर में अटी पड़ी गंदगी नजर आने लगी। विभाग के अफसर आगे का हिस्सा खुलवाते, इससे पहले ही स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ लोगों ने जेसीबी चालक के साथ अभद्रता कर दी। इसके बाद सिंचाई विभाग के अफसरों ने आगे की कार्रवाई को टाल दिया। अब विभाग के अफसर इस तरह के विरोध से निपटने की योजना बना रहे हैं। सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि आज के घटनाक्रम के संबंध में उच्चस्थ अफसरों को अवगत करा दिया गया है।
सीढ़ी को पहुंचाया नुकसान
सिंचाई विभाग के अफसरों ने नहर से सीमेंट का पटिया हटाया है। जब जेसीबी चलाई गई तब उस समय मकान के आगे की सीढ़ी क्षतिग्रस्त हो गई। यही नहीं, कमरे के फर्श में क्रेक बन गए हैं तो पीने की पाइप लाइन भी नहीं बच पाई है।
रुचि जैन, स्थानीय महिला
बगैर किसी सूचना के तोड़फोड़ की कार्रवाई
जिन लोगों ने नहर पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की है। उन्होंने न तो किसी को सूचना दी और न ही आसपास के लोगों को बुलाया। इस कार्रवाई में पाइप लाइन भी सुरक्षित नहीं रह पाई। इससे पीने का पानी घरों में पहुंचना मुश्किल हो गया। पूरा पानी नहर में फैल रहा है।
अर्पित जैन, स्थानीय नागरिक, अर्पित जैन
नहर की पूरी सफाई कराएंगे
नहर के आसपास अवैध कब्जा/अतिक्रमण पसरा है, जिनके मुकदमे न्यायालयों में चल रहे हैं। जहां तक नहर की सफाई की बात है तो वह जरूर कराई जाएगी।
मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड