13 छात्रों पर सख्त कार्रवाई
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कर्मचारियों की मिलीभगत से छूटे पन्नों पर दोबारा उत्तर लिखने के आरोपी 13 छात्र-छात्राओं को परीक्षा समिति ने अन फेयर मींस (यूएफएम) में आरोपित कर दिया है। इसके अलावा उन्हें एक साल के लिए परीक्षा से डिबार भी किया गया है। वहीं, आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ भी दो-तीन दिन में जल्द ही ठोस कार्रवाई की जा सकती है।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत 13 छात्र-छात्राओं ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से कॉपी निकलवाई थी। इसके बाद कॉपियों के छूटे पन्नों पर दोबारा उत्तर लिखकर चैलेंज इवल्यूशन में आवेदन किया गया। चैलेंज इवल्यूशन की कमेटी को छात्रों की लेखनी में कुछ फर्क नजर आया तो मामले की शिकायत बीयू प्रशासन से की गई। इसके बाद कॉपियों की फॉरेंसिक जांच करवाई गई। जांच में पैन की स्याही और लेखनी में अंतर होने की पुष्टि हो गई। इस मामले में कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप लगा। इसके बाद कुछ कर्मचारियों के विभाग बदले भी गए। बाद में बीयू प्रशासन ने जांच कमेटी बैठा दी। हाल ही में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपी। बीयू में बुधवार को कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें यह मुद्दा भी रखा गया। समिति ने सभी 13 छात्र-छात्राओं को अन फेयर मींस (यूएफएम) में आरोपित कर दिया है। साथ ही सभी को एक साल के लिए परीक्षा से डिबार भी कर दिया गया है। कुलपति ने बताया कि आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ भी दो-तीन दिन में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
170 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा
बीयू से संबद्ध कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं एक मार्च से शुरू होकर नौ अप्रैल तक चलनी हैं। परीक्षा समिति की बैठक में केंद्रों का निर्धारण भी किया गया। पिछले साल की तुलना में इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या में कटौती हुई है। सत्र 2017-18 में 248 परीक्षा केंद्र बने थे, अब सत्र 2018-19 में इनकी संख्या घटाकर लगभग 170 कर दी गई है। जांच के दौरान कुछ कॉलेज केंद्र बनाने के योग्य भी पाए नहीं गए। परीक्षा केंद्रों की संख्या कम होने से बीयू पर व्यय भार भी कम पड़ेगा।