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इंस्पायर अवार्ड योजना-City

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विज्ञान पर गंभीर नहीं जिले के कॉलेज
सब हेड - इंस्पायर अवार्ड योजना में 233 में से सिर्फ 18 ने कराया पंजीकरण
क्रासर - सिर्फ 63 विद्यार्थियों का हुआ नामांकन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
एपीजे अब्दुल कलाम, होमी जहांगीर भाभा जैसे महान वैज्ञानिक देने वाले देश में विज्ञान की पढ़ाई को लेकर इंटर कॉलेज गंभीर नहीं हैं। यही वजह है कि जिले के 233 कॉलेजों में से सिर्फ 18 कॉलेजों ने अब तक भारत सरकार की इंस्पायर अवार्ड योजना की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराया है और मात्र 63 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी में स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों में रुचि बढे़, इसके लिए भारत सरकार ने वर्ष 2009 - 10 में इंस्पायर अवार्ड योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य दस से 15 वर्ष के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विज्ञान में प्रोत्साहन देना है। ताकि वह अपने मौलिक विचार और अपने विज्ञान पर आधारित मॉडल बनाएं। श्रेष्ठ मॉडल का चयन जिला, मंडल व राज्य स्तर पर होता है, जिसे बाद में देश क ी राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले विज्ञान प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया जाता है। वहीं मॉडल बनाने वाले बच्चे को पुरस्कृत किया जाता है। लेकिन भारत सरकार के इस उद्देश्य पर लगभग सभी कॉलेज पानी फेरते नजर आ रहे हैं।
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कई बार जिले के सभी प्राइवेट, अनुदानित व सरकारी इंटर कॉलेजों को निर्देशित किया जा चुका है कि वह अपने-अपने विद्यालय का रजिस्ट्रेशन इंस्पायर अवार्ड की वेबसाइट पर करा लें और इसके बाद कक्षा 6 से कक्षा 10 तक की प्रत्येक कक्षा से एक छात्र-छात्रा का नामंाकन अवार्ड की वेबसाइट पर करा लें। लेकिन जनपद के 18 विद्यालयों को छोड़ किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने इसे खेद का विषय बताते हुए सभी कॉलेजों को निर्देशित किया कि वह 31 जुलाई तक पंजीकरण करा लें और विद्यार्थियों का नामांकन करा लें।
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