तहसील में नहीं है एक भी सरकारी सिंचाई का नलकूप
तालबेहट।
तहसील क्षेत्र में सिंचाई के लिए एक भी सरकारी नलकूप नहीं है। सिंचाई के लिए लगे समस्त नलकूप निजी है। वहीं, पेयजल आपूर्ति के लिए जल संस्थान द्वारा नौ नलकूप बनाए हैं, परन्तु भरतपुरा और कदीम पुरा में बने नलकूप विद्युत संयोजन के अभाव में ठप हैं। नगर में जनता को पेयजल आपूर्ति कराने के लिए जल संस्थान द्वारा तालबेहट में तहसील के पीछे दो एक ग्राम सभा खांदी में एक और कदीमपुरा में एक नलकूप स्थापित किया गया है। कदीमपुरा को छोड़ कर तीनों नल कूप जनता को पेयजल आपूर्ति करा रहें है। कदीमपुरा का नलकूप जनता के कई बार विद्युत संयोजन की मांग के बावजूद आज तक बेअसर हैं।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्र की जनता को पेयजल आपूर्ति के लिए जल संस्थान के पूराविरधा में दो, कड़ेसराकलां और पवा में एक-एक नलकूप लगा है, जो सुचारु रूप से कार्य कर रहा है, जबकि भरतपुरा में लगा नलकूप भी विद्युत संयोजन की राह देख रहा है। भरतपुरा के नलकूप संयोजन के बारे में जल संस्थान के अवर अभियंता संघ भूषण ने बताया कि इस संबंध में वह कई बार अपने उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं।
तहसील क्षेत्र में सिंचाई के लिए सरकारी नलकूप संयोजन की जानकारी करने पर विद्युत विभाग के एसडीओ महेश चंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि तहसील क्षेत्र में सिंचाई के लिए एक भी सरकारी नलकूप संयोजन नहीं है। क्षेत्र में लगभग एक सौ 80 निजी नलकूप संयोजन है। इसमें सभी निजी है जिनका भुगतान उपभोक्ता पावर के अनुसार करतें हैं।
वही निजी नलकूप उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें जब फसल की सिंचाई एवं बुवाई के समय बिजली की आवश्यकता होती है, तभी उन्हें आपूर्ति के संकट का सामना करना पड़ता है। उनके अनुसार उन्हें उस मात्रा में विद्युत नहीं मिलती है, जिसके लिए उन्होंने निजी नलकूप का संयोजन लिया है।