फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिविक एमीनिटीज: पांच साल में 375 गांव की हो सकें संतृप्त-City

विज्ञापन
विज्ञापन
टैग : अंधेरगर्दी
विज्ञापन

-------------
डिजिटल इंडिया को मुंह चिढ़ा रही ‘लालटेन’
जिले के 419 गांवों में आज भी बिजली नहीं
पांच साल में 794 में 375 गांव में ही पहुंच पाया करंट
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
भले ही देश डिजिटल इंडिया की राह पर तेजी से दौड़ रहा हो, लेकिन जिले के 419 गांव आज भी ऐसे हैं जहां रात में रास्ता तलाशने के लिए लालटेन की रोशनी का ही सहारा लेना पड़ता है। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना से जिले के 794 गांवों तक बिजली पहुंचनी थी, लेकिन 375 गांवों को ही इसका लाभ मिल पाया। अब योजना का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना कर दिया गया। उम्मीद है कि नए नाम की योजना अंधेरे में डूबे गांवों में उजाला ला सके।
पिछली केंद्र सरकार ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत झांसी जनपद के 858 गांवों में बिजली पहुंचाने की योजना स्वीकृत की थी। ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में जो बजट प्रदान किया गया, उसमें जनपद के मात्र 64 गांव ही बिजली पहुंच पाई थी। 12 वीं पंचवर्षीय योजना को लागू हुए चार साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस योजना के बाकी 794 गांवों में 419 में अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। मोदी सरकार बनने पर योजना का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना कर दिया गया। मगर, इसके बाद भी कंपनी के काम में तेजी नहीं आई। मजबूरन, बिजली विभाग ने चौधरी कंस्ट्रक्शन को काली सूची में डालकर अनुबंध निरस्त कर दिया। बाकी बचे गांवों में काम पूरा कराने के लिए अब नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
विज्ञापन

मालूम हो कि योजना के अंतर्गत इन गांवों के विस्तारित क्षेत्रों में खंभे लगाने, तार बिछाने, ट्रांसफार्मर लगाने आदि कार्य होनेे हैं। इनमें कई ऐसे मजरे भी शामिल हैं, जिनमें आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। यहां के लोग अंधेरे से जूझ रहे हैं। जो प्रभावशाली हैं, वह आसपास के गांवों से तार डालकर बिजली का उपयोग कर रहे हैं।

इन गांवों में नहीं पहुंची बिजली
जहां बिजली नहीं पहुंची है उन गांवों में खजराहा, बावई, इमलिया, जबरा, किल्चवारा, रनगवां समेत 419 गांव और मजरे शामिल हैं। बड़ागांव ब्लाक के 20, बबीना के 35, बंगरा के 65, मऊरानीपुर के 90, चिरगांव के 30, गुरसराय के 65, मोंठ के 45 और बामौर के 69 गांव शामिल हैं।
विज्ञापन


अधूरे काम पूरा करेगी कंपनी
‘दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए दोबारा टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। साथ ही काली सूची में जिस कंपनी को डाला गया है, वह जिन गांवों में अभी काम कर रही थी, उसे पूरा करके देगी।’
आरपीएस तोमर, मुख्य अभियंता विद्युत वितरण।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें