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सुरक्षा घेरे में गुजरीं 12 श्रमिक ट्रेनें

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रेलवे स्टेशन से गुजरीं 12 श्रमिक ट्रेनों को सुरक्षा घेरे में गुजारा गया। दो ट्रेनें दिन के वक्त गुजरीं, जिनमें यात्रियों को आईआरसीटीसी द्वारा वेज बिरयानी, एक अचार, एक चम्मच व एक लीटर पानी की बोतल दी गई। लॉकडाउन के लगातार बढ़ने के कारण लाखों लोग अभी अपने घर से दूसरे शहरों में फंसे हैं। इन लोगों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए राज्य सरकारों की आपसी सहमति के बाद श्रमिक ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। बुधवार की रात 12 बजे से बृहस्पतिवार की शाम छह बजे तक 18 घंटे में आठ ट्रेनें झांसी से गुजरीं। इसमें 09393 बड़ोदरा से गोरखपुर, 09395 सूरत से गोरखपुर, 09377 सूरत से बांदा, 01915 शिर्डी सांई नगर से सीतापुर, 09333 अंखलेश्वर से गोरखपुर, 06523 बंगलूरू से लखनऊ, 01911 भुसावल से लखनु, 06091 एर्नाकुलम से लखनऊ के बीच चलाईं गईं श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल रहीं। झांसी स्टेशन से सभी श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों को प्लेटफार्म दो से गुजारा जा रहा है। ट्रेन के आने पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं। ट्रेन के आने से पूर्व ही प्लेटफार्म एक व दो को आरपीएफ व जीआरपी घेर लेती है। इस दौरान आरपीएफ, वाणिज्य, स्टेशन व जीआरपी के अधिकारी मौजूद रहते हैं, ताकि कोई यात्री उतरकर कहीं न जा सके। ट्रेन को सैनिटाइज किया जाएगा। चालक, सहचालक व गार्ड के बदलने के बाद गाड़ी गंतव्य के लिए रवाना हो जाती है। ट्रेन के जाने के बाद प्लेटफार्मों को सैनिटाइज किया जाता है। तीन यात्रियों ने किया भागने का प्रयास वडोदरा से बाराबंकी जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार तीन यात्रियों ने झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से भागने का प्रयास किया, लेकिन उनको सफलता नहीं मिल सकी। आरपीएफ ने पकड़कर उनको दोबारा कोच में बिठा दिया। हालांकि, इस मामले में आरपीएफ निरीक्षक एके यादव ने बताया कि उक्त ट्रेन के यात्रियों को बीना में भोजन उपलब्ध कराया गया था। यात्रियों से कहा गया था कि झांसी में उनको पानी दिया जाएगा। झांसी में पानी की बोतल लेने के लिए यात्री कोच से उतरने लगे। बाद में यात्रियों को कोच के अंदर किया गया।
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