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12 लाख पौधों से हरी होगी धरती

Sat, 06 Jun 2015 12:23 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
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झांसी। मानसून सत्र में वन महोत्सव के अंतर्गत जनपद में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। शासन ने सरकारी संस्थाओं को करीब 1,920 हेक्टेयर भूमि पर 12 लाख 47 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है।
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जनपद की पथरीली भूमि को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष पौध रोपण अभियान चलाया जाता है। इस वर्ष मानसून सत्र 15 जून से प्रारंभ माना जा रहा है। इसको देखते हुए पौध रोपण अभियान के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। डीएफओ एन रविंद्रा के मुताबिक विभाग को इस वर्ष 9 लाख 66 हजार पौधे रोपने का लक्ष्य मिला है, जो 14 सौ हेक्टेयर भूमि पर लगाए जाएंगे। जामुन, अर्जुन, नीम, शीशम, गूलर, बरगद आदि प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी। अभियान के तहत जमीन चिह्नीकरण, गढ्ढा कितना गहरा खोदना है, रोपित पौधा कैसे सुरक्षित रहे आदि क ो लेकर योजना बनाई जा रही है।


 इस कार्य में गांवों में सक्रिय वन प्रबंध समितियों व समाजसेवी संगठनों से मदद ली जाएगी। डीएफओ ने बताया कि 2013 में सात लाख पौधे तो वर्ष 2014 में करीब नौ लाख पौधे 7.50 हेक्टेयर भूमि पर रोपे गए थे।
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पौधों की सुरक्षा के उपाय भी जरूरी
भले ही जनपद की धरा को हरा करने के लिए वन विभाग एवं अन्य सरकारी संस्थाएं पौध रोपण अभियान चलाने जा रही हों, लेकिन इन पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए विभागों के पास कोई ठोस योजना नहीं है। बीते वित्तीय वर्षों में करोड़ों रुपये की लागत से पौधे खरीद कर जनपद के ग्रामीण एवं शहरी अंचलों के मैदानों, स्कूलों में रोपे गए थे, लेकिन वर्तमान में उनकी स्थित खराब है।


अधिकांश पौधे देखभाल के अभाव में सूख कर खत्म हो चुके हैं। विभाग पेड़ों के इर्द-गिई ईंट की बाउंड्रीवाल बनाकर इनकी सुरक्षा का कोरम पूरा कर लेते हैं। लेकिन अराजक तत्वों और जानवरों से पौधों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। वहीं पौध रोपण कार्य की जानकारी देने वाले बोर्ड व होर्डिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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विभागों को यह मिला लक्ष्य
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विभाग                                पौधे संख्या          हेक्टेयर भूमि     

ग्राम्य विकास विभाग                   16,2369,       250
ऊर्जा विभाग                            1048             02
औद्योगिक विकास विभाग             17,808          27
आवास विकास, शहरी नियोजन      3143             05
सिंचाई विभाग                          8380             13
उच्च शिक्षा विभाग                      2095             03
लोक निर्माण विभाग                    13,618          21
सहकारिता विभाग                      2095            03
भूमि एवं जल संसाधन                 59,710          92
बेसिक शिक्षा विभाग                   1048             02
माध्यमिक  शिक्षा विभाग               3143             05
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