इस्लाम में महिलाएं नायाब हीरा- सादिका नफीस
झांसी। नरिया बाजार स्थित कद्दूस के बाडे़ में महिलाओं के जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में आलिमाओं ने महिलाओं को तकरीर कर दीनी तालीम की जानकारी दी। जलसे में पारीछा से आईं आलिमा सादिका नफीस ने कहा कि इस्लाम में हमेशा से ही औरतों को नायाब हीरा करार दिया गया है
तकरीर में बताया कि कुरान में महिलाओं के पैरों के नीचे जन्नत का दर्जा दिया गया है। इस्लाम में हमेशा से ही महिलाएं मुख्य किरदार में रही हैं। महिलाओं को अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से निर्वाह करना चाहिए। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आजादी के साथ-साथ काफी जिम्मेदारी भी दी गई हैं, जिसको निभाना उनका फर्ज है। वहीं आलिमा कुलसुम अशरफ ने बताया कि औरत के पेट में जब बच्चा आता है, तो उसके लिए फरिश्ते दुआ करते हैं। बताया कि जिस घर में बेटी का जन्म होता है, तो उस घर में रहमत के दरवाजे खोल दिये जाते हैं। बेटी अल्लाह की ओर दिया गया बेहतरीन इनाम है, जो किस्मत वालों को मिलता है। आज के दौर में महिलाएं अपने फर्ज से पूरी तरह से भटक रही हैं। महिलाओं को अपने फर्ज से पीछे नहीं हटना चाहिए। बच्चों के साथ ही शौहर व अन्य लोगों के फर्ज को बखूबी निभाना चाहिए। औरतों का शौहर की नाफरमानी करना कबीरा गुनाह है। इस मौके पर कई महिलाएं मौजूद रहीं। आलिमा तबस्सुम मकसूद मुख्य अतिथि रहीं। संचालन शबीना अजीज ने व ताहिरा याकूब ने आभार व्यक्त किया।