रेलवे स्टेशन के दांडी चौराहे के नजदीक नवनिर्मित लोको पायलट, सहायक लोको पायलट एवं गार्ड रनिंग रूम का शुक्रवार को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने लोकार्पण किया। रनिंग रूम में गार्ड और ड्राइवरों को शांतिपूर्ण और स्वस्थ माहौल मिले, इसके लिए आध्यात्मिक हॉल, स्टडी रूम, किचन, योगा व डायनिंग हॉल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
दूसरे स्टेशनों से ऑन ड्यूटी आने वाले गार्ड, ड्राइवरों के लिए रेलवे दांडी चौराहे के पास 100 बेड क्षमता के तीन मंजिला रनिंग रूम भवन का निर्माण पांच करोड़ की लागत से किया गया है। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर चार हॉल, दो किचन, एक केयर टेकर रूम, फर्स्ट फ्लोर और सेकेंड फ्लोर पर 16-16 कमरे बनाए गए हैं।
वातानुकूलित हॉल में डोरमेट्री की तरह बेड डालकर उनको बोर्ड लगाकर कमरे जैसा बनाया गया है। कर्मचारियों के खेलने के लिए शतरंज और कैरम की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार को जीएम राजीव चौधरी ने लोकार्पण किया। मालूम हो कि अभी रेलवे पार्सल कार्यालय के ऊपर बने रनिंग रूम में गार्ड और ड्राइवर ठहरते हैं।
यह भी जानिए
2007-08 में इसके निर्माण को स्वीकृति मिली थी। वर्तमान में निर्माण की अनुमानित लागत 4.91 करोड़ पर पहुंच गई है। इसके निर्माण का पहला टेंडर 17 फरवरी 09 में दिया गया था, लेकिन उसी समय बिल्डिंग मैटेरियल के दाम बढ़ने पर संबंधित ठेकेदार 21 नवंबर 2011 को काम छोड़कर चले गए। दूसरा टेंडर 05 दिसंबर 2017 को हुआ, लेकिन यह ठेकेदार भी 70 फीसदी काम पूरा करने के बाद चले गए। इसके बाद रेल प्रशासन ने दो बार और टेंडर निकाले, लेकिन अधूरा काम पूरा करने के लिए कोई सामने नहीं आया। 28 अप्रैल 2018 को पांचवीं बार टेंडर मांगे गए थे।