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सफाई में फिसड्डी, 14 से 30 तक लुढ़के

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सफाई में फिसड्डी, 14 से 30 तक लुढ़के
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ललितपुर। स्वच्छता की कसौटी पर जिले की निकायें बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल के स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की स्टेट रैंकिंग में काफी गिरावट दर्ज की गई है। नगर पालिका परिषद की रैंकिंग 14वें स्थान से खिसककर 30 वें पायदान पर पहुंच गई है। वहीं, महरौनी नगर पंचायत का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। हालांकि, निकायों ने नेशनल रैंकिंग में सुधार किया है। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की किरकिरी होने से बच गई है। सफाई पर खर्च होने वाले लाखों रुपये ‘कचरे’ की भेंट चढ़ गए।
नगर निकायें अपने क्षेत्र को स्वच्छ बनाने पर हर महीने लाखों रुपये व्यय कर रही हैं। स्वच्छता भारत मिशन के तहत घर-घर से कचरा इकट्ठा किया जा रहा है। वहीं, दिन के साथ रात्रि में बाजारों की सफाई की जा रही है। इस कार्य में स्थायी, संविदा एवं आउटसोर्सिंग सफाई कर्मी काम कर रहे हैं। इस समय नगर पालिका परिषद द्वारा 26 स्वास्थ्य नायकों की देखरेख में 220 संविदा कर्मी, करीब 200 आउटसोर्सिग कर्मी व 72 स्थायी सफाई कर्मी से सफाई का कार्य लिया जा रहा है। कचरा उठाने में आठ ट्रैक्टर-ट्रॉली, बारह आपे, दो टाटा एस, एक रिफ्यूज कांपेक्टर, एक टाटा चार सौ सात, दो लोडर लगे हुए हैं। इसके अलावा जगह-जगह सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। स्थानीय लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए वॉल पेंटिंग और होर्डिग्स को प्रचार-प्रसार का माध्यम बनाया गया। सूखा व गीला कचरा को अलग-अलग करने के लिए प्लास्टिक डस्टबिन, कंटेनर की व्यवस्था की गई। इन सबके बाद भी निकायें स्वच्छता सर्वेक्षण- 2019 में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं। गत दिवस स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की रिपोर्ट जारी की गई।
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यह मिली रैंक
नगर पालिका परिषद ललितपुर को नेशनल रैंक 246, स्टेट रैंक 30, नगर पंचायत तालबेहट को नेशनल रैंक 207, स्टेट रैंक 120, नगर पंचायत पाली को नेशनल रैंक 297, स्टेट रैंक 175, नगर पंचायत महरौनी को नेशनल रैंक 478, स्टेट रैंक 286 प्राप्त हुई है। वहीं, वर्ष 2018 में नगर पालिका परिषद को नेशनल रैंक 265, स्टेट रैंक 14, नगर पंचायत तालबेहट को नेशनल रैंक 212, स्टेट रैंक 73, नगर पंचायत पाली को नेशनल रैंक 257, स्टेट रैंक 90, नगर पंचायत महरौनी को नेशनल रैंक 119 व स्टेट रैंक 37 हासिल हुई थी। इस तरह पिछले वर्ष के मुकाबले नगर निकायें अपनी स्टेट रैंक को सुधारना तो दूर, उसे कायम भी नहीं रख पाई। हालांकि, नेशनल रैंक में सुधारने में सफल हुई हैं। अब विभागीय अफसर सर्वेक्षण में मिली रैंकिंग पर मंथन करने में जुट गए हैं कि किन बिंदुओं पर अंक हासिल करने से रह गए।
इन बिंदुओं पर पिछड़े
ऑनलाइन डाक्यूमेंटेशन व सफाई के भौतिक सत्यापन में पिछड़ गए। वहीं, हर माह सफाई कर्मियों का बीमा, प्रशिक्षण व स्वास्थ्य परीक्षण, मॉस्क व अन्य सामग्री से कटीम को संतुष्ट नहीं कर ाके। सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के अभाव में अंक कम हो गए। स्वच्छता सर्वेक्षण करने आई टीम को नागरिकों द्वारा स्वच्छता पर दी गई राय भी ठीक नहीं मिली। इस कारण निकाय के अंक कम हुए। नगर पंचायत तालबेहट ने पिछले वर्ष के सर्वेक्षण में 1400 में से 928.49 अंक पाए थे। वहीं, अब 835.06 अंक प्राप्त हुए हैं। नगर पालिका परिषद ललितपुर ने पिछले वर्ष 693.22 अंक हासिल किए गए थे। वर्तमान में उसे 890.48 अंक मिले हैं। नेशनल रैंक में सुधरने में ओडीएफ व वन स्टार के अंक काम आए। इस समय नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत पाली को वन स्टार मिला हुआ है।
ये हैं रैंकिंग के अंक
शौचालय सूखा एवं साफ होने पर 40 अंक, पुरुष व महिला के लिए पृथक व्यवस्था पर 30 अंक, पानी व फ्लश होने पर 40 अंक, चाइल्ड फ्रेंडली पर 10 अंक, रैंप होने पर 10 अंक, शौचालय में बिजली एवं नेचुरल लाइट होने पर 30 अंक, साबुन व वासबेसिन पर 10 अंक, केयरटेकर होने पर 20 अंक, बहुत स्वच्छ व शिकायत नहीं होने पर 125 अंक, पिछले साल से ठीक होने पर 100 अंक, बदलाव नहीं होने पर 50 अंक निर्धारित हैं। इसके अलावा डोर टू डोर कचरा संग्रहण पर एक स्टार का प्राविधान किया गया है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में मिले अंक से संतुष्ट नहीं हैं। अपनी ओर से पूरी कोशिश की गई थी, लेकिन अंक बहुत कम मिले हैं। अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में कमियों को पूरा कर बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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