आसान नहीं शिक्षक बनने की राह, परीक्षा में छूटे पसीने
झांसी। रविवार को जिले के 32 केंद्रों पर हुई सहायक शिक्षक की परीक्षा के प्रश्न पत्र देखकर परीक्षार्थियों के पसीने छूट गए। खासकर कंप्यूटर प्रोग्रामिंग पार्ट जनरल स्टडीज से अधिक कठिन रहा। निगेटिव मार्किंग की वजह से परीक्षार्थियों ने सोच- समझकर प्रश्नों के उत्तर दिए। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तुलना नेट से की। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी की निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा पूरी कराई गई। परीक्षा में 14,784 परीक्षार्थी शामिल होने थे, परंतु 6,111 ने ही परीक्षा दी। 8,673 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षार्थी सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर जमा हो गए थे। केंद्रों पर अनुक्रमांक व हॉल क्रमांक जानने के बाद दोबारा किताबों को उलटते - पलटते हुए बचे समय का सदुपयोग करते नजर आए। सुबह 11 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षार्थियों को केंद्र के भीतर प्रवेश दिया गया। प्रश्न पत्र का बंडल कड़ी सुरक्षा में सेंटरों पर पहुंचा और दो परीक्षार्थियों और शिक्षकों के हस्ताक्षर के बाद खोला गया। प्रश्न पत्र देखते ही परीक्षार्थियों के पसीने छूट गए। एक तिहाई निगेटिव मार्किंग होने के कारण परीक्षार्थियों ने सोच समझ कर उत्तर दिए।
परीक्षा देकर बाहर आए परीक्षार्थियों ने बताया कि जनरल स्टडीज के सवाल ज्यादा कठिन नहीं थे, लेकिन कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के कठिन सवालों में उलझ गए। ए सीरीज के प्रश्न पत्र में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के पार्ट में प्रश्न संख्या 109 में पूछे गए सवाल के उत्तर में ए और डी ऑपशन समान थे। परीक्षा की निगरानी प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी के जरिये की गई। सभी केंद्रों पर 11 मजिस्ट्रेट, 32 परीक्षा पर्यवेक्षक व स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। केंद्रों में प्रवेश लेने वाले पुरुष परीक्षार्थियों के बेल्ट उतरवाकर बाहर रखवाए गए। परीक्षा के नोडल अधिकारी अपर जिलाधिकारी हरीशंकर ने बताया कि परीक्षा में 14,784 परीक्षार्थी शामिल होने थे, परंतु 6,111 ने ही परीक्षा दी। 8,673 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने बीकेडी व जीआईसी कॉलेज में परीक्षा केंद्रों व कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया।
नेट के मुकाबले का प्रश्न पत्र
नेट के मुकाबले का प्रश्न पत्र आया है। खासकर कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के पार्ट को हल करना आसान नहीं था। निगेटिव मार्किंग होने के कारण प्रत्येक प्रश्न का सोच समझ कर उत्तर दिया है।
- बालकिशन गौर, मेरठ
आसान नहीं अच्छे अंक लाना
परीक्षा में पूछे गए प्रश्न कोर्स के अंदर के ही थे, पर काफी कठिन थे। जिस तैयारी के साथ परीक्षा देने पहुंचे थे, प्रश्न पत्र देखकर पानी फिर गया। जनरल स्टडीज के सवाल दूसरे पार्ट के मुकाबले आसान रहे।
- राकेश धाकड़, ग्वालियर