टैक्स चोरी रोकेंगी इलेक्ट्रानिक चेक पोस्ट
झांसी संभाग के चार स्थानों सहित प्रदेश में 42 प्वाइंट पर होगी ट्रकों की निगरानी
- जीएसटी में उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल रहा टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
वाणिज्य कर विभाग जल्द ही प्रदेश में 42 इलेक्ट्रानिक चेक पोस्ट खोलने जा रहा है। झांसी संभाग में चार चेक पोस्ट बनेंगे। इन चेक पोस्टों पर रेडियो फ्र्रीक्ंिवसी आईडेंटीफिकेशन सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम हर आने जाने ट्रकों पर की निगरानी करेगा, ताकि पता हो सकें कि कोई वाहन 24 घंटे में दोबारा लौटकर टैक्स चोरी के माल ले जाने में लिप्त तो नहीं है। जीएसटी लागू होने के बाद उम्मीद के मुताबिक टैक्स नहीं मिलने के कारण यह कदम उठाया जा रहा है।
प्रदेश सरकार को वाणिज्य कर विभाग से सालाना 55 हजार करोड़ से अधिक राजस्व मिलता है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लगने के बाद सरकार को उम्मीद थी कि राजस्व में इजाफा होगा। मगर, राजस्व बढ़ने की जगह उसमें गिरावट देखी जा रही है। माना जा रहा है कि जीएसटी में सेंट्रल ई वे बिल की व्यवस्था होने के बाद भी व्यापारियों की टैक्स चोरी का माल लाने की प्रवृत्ति दूर नहीं हो रही हैं। उदाहरण के तौर पर दिल्ली से कानपुर का बिल काटकर माल मथुरा ही उतार दिया जाता है और उसी बिल का दोबारा उपयोग कर कानपुर तक माल पहुंचा दिया जाता है। इंटरनेट से होने वाली इस व्यवस्था का कई टैक्स चोर व्यापारी भरपूर लाभ उठा रहे हैं। इसका असर राजस्व पर पड़ रहा है।
टैक्स चोरी पर लगाम कसने के लिए वाणिज्य कर विभाग प्रदेश भर में 42 ई चेक पोस्ट खोलने जा रहा है। इन चेक पोस्टों पर रेडियो फ्र्रीक्ंिवसी आईडेंटीफिकेशन सिस्टम लगाया जाएगा। चेक पोस्ट पर कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों में मौके से निकलने वाली हर गाड़ी का नंबर कैद हो जाएगा। चूंकि, ई वे बिल पर गाड़ी नंबर भी दर्ज होता है, इससे अगर आसपास माल उतारकर गाड़ी दोबारा उसी बिल पर माल लाती है तो वह जांच में पकड़ में आ जाएगा। झांसी संभाग में रक्सा, अंबावाय, मसौरा ललितपुर व बरुआसागर मार्ग पर स्थित वाणिज्य कर विभाग के पुराने चेक पोस्ट भवनों में ही यह कार्यालय खोले जाएंगे। इन चेक पोस्टों पर पूर्व की तरह अफसर व कर्मचारियों को बैठाया जाएगा। डिप्टी कमिश्नर विमल कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रानिक चेक पोस्ट खोलने की योजना बन रही है। इस पर अंतिम फैसला जीएसटी काउंसिल को लेना है।