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युवाओं के दिलों में जिंदा है नेताजी

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युवाओं के दिलों में जिंदा हैं नेताजी
- बीयू में सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर वक्ताओं ने रखे विचार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मंगलवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में सुभाषचंद्र बोस की जयंती मनाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने युवाओं से उनके बताए गए रास्ते पर चलने की अपील की है। साथ ही युवाओं से अपने अंदर देश हित के लिए भावना पैदा करने की अपील की है।
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मुख्य अतिथि एनएसएस समन्वयक डॉ. एसके राय ने कहा कि देश को आजादी दिलाने में नेताजी का अहम योगदान रहा है। उन्होंने इंडियन सिविल सर्विसेज यानी आईसीएस जैसी बड़ी परीक्षा पास करने के बाद भी ब्रिटिश हुकूमत का हिस्सा बनने की बजाए देश को आजाद कराने के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाया। आजाद हिंद फौज का गठन कर अंग्रेजाें की नाक में दम कर दिया। उनके देश हित में किए गए कामों से अंग्रेजों के पैर उखड़ गए। विशिष्ट अतिथि पत्रकारिता संस्थान के प्रमुख डॉ. सीपी पैन्यूली ने कहा कि युवाओं को नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेकर देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाने का प्रयास करना चाहिए। बोस जी ने हमेशा समाज के वंचित वर्गों के हित के लिए सोचा और काम भी किया। मुख्य वक्ता गगन अवस्थी ने कहा कि नेताजी ने आजादी दिलाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। प्रोफेसर सुनील काबिया ने कहा कि नेताजी का नाम जुबान पर आते ही देशप्रेम का जज्बा गहरा हो जाता है। फॉरेंसिक साइंस विभाग की डॉ. अनु सिंगला व सचिन ने भी विचार रखे। इस दौरान आजादी के कई रचनाएं भी सुनाई गई। जिसमें देबू दुबे को पहला, लीलाधर पांडेय को द्वितीय और संस्कृति गिरवासिया को तृतीय पुरस्कार मिला। संचालन डॉ. श्वेता पांडेय ने किया। इस मौके पर डाक्टर इकबाल खान, डॉ. सुनीता, डॉ. मो. नईम, सतीश साहनी व जयराम कुटार आदि मौजूद रहे।
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