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29 साल बाद पाली में अनारक्षित सीट पर दिखेगा दमखम

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29 साल बाद पाली में अनारक्षित सीट पर दिखेगा दमखम
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पाली । सन 1988 के बाद पहली बार नगर पंचायत पाली के अध्यक्ष पद की कुर्सी अनारक्षित की गई है। 29 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद यह मौका आया है, जब चुनावी तैयारी में एकाएक तीव्र गति देने वाले सामान्य जाति के चर्चित चेहरों ने आतुरता दिखाई है। लोकतंत्र का महापर्व पांच साल में एक बार आता है, तो 29 साल बाद खुद की किस्मत आजमाने व जनता का प्रतिनिधि बनने का मौका मिला है, जिसे खाली नहीं जाने दिया जाएगा।
अनारक्षित सीट घोषित हो जाने से तैयारी में जुटे पिछड़े वर्ग के प्रत्याशी अब अपने चुनावी नफा नुकसान की गणित लगाने लगे हैं । इन सबके बीच सभी संभावित अपनी चुनावी तैयारी में जुट काफी जेब खर्च करने में लगे हैं क्योंकि अभी उनके ऊपर निर्वाचन आयोग का कोई डंडा नही है। डंडा चलते ही उन्हें अपनी पाई पाई का हिसाब देना होगा ।
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नगर पंचायत पाली अध्यक्ष पद के लिए प्रथम बार वर्ष 1972 में अनारक्षित सीट आई थी । इसमें पाली के राव सहाब परिवार के महेंद्र सिंह बुंदेला ने चुनाव जीता और वर्ष 1977 तक नगर पंचायत की कुर्सी संभाली । इसके एक दशक तक कस्बे में कोई चुनाव नहीं हुआ । वर्ष 1977 - 87 तक प्रभारी अधिकारी ने नगर पंचायत के कामकाज देखा । वर्ष 1988 में एक बार फिर नगर पंचायत में लोकतंत्र का महापर्व अनारक्षित सीट लेकर आया , जिसमें पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखने वाले पान व्यापारी विष्णु शंकर चौरसिया ने अपने खाते में जीत दर्ज की। इसके बाद से लगातार नगर पंचायत चेयरमेन की कुर्सी पिछड़ी जाति के खाते में जाती रही। जिसमें क्रमश: प्रथम महिला चेयरमैन रामरती चौरसिया, मनोज कुमार चौरसिया, नंदकिशोर सोनी, हाल ही में निवर्तमान चेयरमैन रामकुमार चौरसिया। इसके बाद अब फिर चेयरमैन की ताजपोशी के लिए नए, पुराने , बरसों से इंतजार में बने, चेहरे मैदान में खड़े नजर आ रहें हैं । नामांकन के बाद चुनावी समीकरण की दिशाएं भी सामने आने लगेंगी ।
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अधर में लटका मनरेगा से स्वीकृत कुंआ
पाली । ब्लॉक मड़ावरा तहसील पाली अंतर्गत ग्राम गौना निवासी घनश्याम अहिरवार ने तहसील दिवस में शिकायती पत्र देकर बताया कि वर्ष 2014-15 में मनरेगा के तहत पांच लाख कीमत का कुंआ स्वीकृत हुआ था । जिसमें केवल अठारह फीट कुंआ ही खोद गया, वो भी अभी कच्चा है । दो साल से कुएं का निर्माण रुका है । शिकायतकर्ता ने संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जल्द मनरेगा के तहत कुएं के पूर्ण निर्माण कराए जाने की मांग की है।
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