श्रेणी - सिविक एमीनिटीज
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पुलिस सिखाएगी बंदूक चलाना
सब हेड... परीक्षा से पहले शस्त्रधारकों का होगा प्रशिक्षण
- हर माह की 11 और 26 तारीख की गई निर्धारित
- गृह मंत्रालय ने जारी किए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण से पहले अब पुलिस लाइसेंसधारकों को असलहा चलाना सिखाएगी। इस संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशिक्षण और परीक्षा के लिए प्रत्येक माह की 11 और 26 तारीख तय की गई है।
जिले में 20,931 शस्त्रधारक हैं। शस्त्रधारकों को तीन साल में अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होता है। इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा उनका टेस्ट लिया जाता है। इसमें पास होने के बाद ही लाइसेंस का नवीनीकरण होता है। लेकिन, अब इसके लिए नई व्यवस्था बना दी गई है। असलहा चलाने की परीक्षा से पहले पुलिस की टीम लाइसेंसधारकों को हथियार चलाना सिखाएगी। प्रत्येक माह की 11 और 26 तारीख को प्रशिक्षण और परीक्षा होगी। प्रतिसार निरीक्षक होरीलाल सिंह ने बताया कि अभ्यास और परीक्षा के लिए शस्त्रधारकों को कारतूस स्वयं लाने होंगे। इसके अलावा एक दिन पहले पुलिस लाइन में दो सौ रुपये की रसीद कटानी होगी। यह शुल्क अभ्यास और परीक्षा के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। शस्त्रधारकों को अभ्यास पुलिस के आर्मोरर कराएंगे।
इनको ही मिल सकता है शस्त्र लाइसेंस
हाईकोर्ट ने आम जन को शस्त्र लाइसेंस देने पर रोक लगा रखी है। केवल तीन श्रेणी के लोगों को इससे छूट दी गई है। इसमें वारिस या उत्तराधिकारी, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के खिलाड़ी और अपराध पीड़ित शामिल हैं। विरासत को तीन श्रेणी में रखा गया है। लाइसेंसधारक की मृत्यु के बाद, लाइसेंसधारक की आयु 70 वर्ष से अधिक होने के बाद और लाइसेंस की अवधि 25 वर्ष पूरी होेने के बाद उत्तराधिकारी को लाइसेंस दिया जा सकता है।