प्रदेश सरकार खेल नीति जारी करे : मिश्रा
सब हेड : 72 जिलों में से सिर्फ 12 जिलों में है बाक्सिंग के रिंग, बालिकाओं को हॉस्टल नहीं
क्रासर:
अक्तूबर में होगी सीनियर स्टेट महिला और पुरुष बाक्सिंग प्रतियोगिता
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
भारतीय बाक्सिंग खेल फेडरेशन के उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश बाक्सिंग संघ के महासचिव अनिल मिश्रा ने कहा प्रदेश सरकार अपनी खेल नीति जारी करे, ताकि खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। प्रदेश के 72 जिलों में से सिर्फ 12 जिलों में ही बाक्सिंग के रिंग है। बालिकाओं के बाक्सिंग प्रशिक्षण के लिए प्रदेश में एक भी हॉस्टल नहीं है।
स्थानीय होटल में पत्रकारों से बातचीत में रविवार को उन्होंने कहा कि देश-विदेश में बाक्सिंग बडे़ खेलों में शुमार है, लेकिन सरकारी प्रोत्साहन के अभाव में उत्तर प्रदेश में बाक्सिंग वह गति नहीं पकड़ पा रहा है, जिसका वह हकदार है। सिर्फ पांच स्थायी और 13 अस्थायी कोच है। ऐसे में कैसे बॉक्सर आगे निकलेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश में बालिकाओं के लिए बाक्सिंग हॉस्टल खोला जाए, जो बुंदेलखंड और पूर्वांचल में बने। इसके अलावा बाक्सिंग को कॉलेज के स्पोर्ट्स से जोड़ा जाए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में सभी खेल अधिकारियों को निर्देश जारी हुए है कि वह बताएंगे उनके जिले में रिंग है, बाक्सिंग के क्या संसाधन है। संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष डा रोहित पांडेय ने बताया कि झांसी में सीनियर स्टेट चैंपियनशिप पुरुष व महिला बाक्सिंग प्रतियोगिता अक्तूबर में होगी, जिसमें 19 से 40 वर्ष तक की आयु के बॉक्सर हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर प्रदेश संयुक्त सचिव अब्दुल हमीद, कोषाध्यक्ष हसन रजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम मिश्रा, संजू दीक्षित, उपेंद्र पांडे, संजीव गुप्ता, चंद्रशेखर आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।