ईवीएम की तकनीकी गड़बड़ी तुरंत दूर करेंगे इंजीनियर
झांसी। लोकसभा चुनाव में कुछ राज्यों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी खराबी की सूचनाएं सामने आई हैं। वहीं, दूसरी ओर पहली बार चुनाव में एम-3 ईवीएम का प्रयोग हो रहा है। ऐसे में मतदान प्रभावित न हो, इसलिए झांसी-ललितपुर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली विधानसभाओं में इंजीनियरों की तैनाती की गई है, जो तकनीकी गड़बड़ी होने पर तत्काल बूथ पर पहुंचकर उसे दूर करेंगे।
झांसी में तीन विधानसभा क्षेत्र (झांसी सदर, बबीना और मऊरानीपुर) और ललितपुर में (ललितपुर और महरौनी) दो विधानसभा क्षेत्र हैं तथा सभी मतदान केंद्रों पर नई ईवीएम से इस बार मत डाले जाएंगे। हर बार के चुनावों में बूथों पर मतदान शुरू होते ही या बीच में मशीनों में खराबी होने की शिकायतें प्राप्त होने लगती हैं। ऐसे में मतदाता हंगामा करने लगते हैं और मतदान भी प्रभावित होता है। मगर, इस बार प्रशासन ने पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने चुनाव में उपयोग की जाने वाली अत्याधुनिक एम-3 की आपूर्ति हैदराबाद की एक कंपनी ने की है। इन सभी का रखरखाव के जिम्मे के लिए लोकसभा क्षेत्र की विधानसभाओं में इंजीनियरों की ड्यूटी लगाई गई है, जो मशीन खराब होने की सूचना पर चंद मिनटों में मौके पर पहुंच जाएंगे।
रिजर्व में भी हैं ईवीएम
ईवीएम खराब होने की वजह से मतदान प्रभावित न हो, इसके लिए रिजर्व ईवीएम भी रखी जाएंगी। प्रत्येक सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट को एक-एक ईवीएम दी जाएगी। सूचना मिलने पर यह लोग खराब ईवीएम को तुरंत बदल लेंगे। ताकि, मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।
ईवीएम में तकनीकी खराबी आने पर मतदान न रुके, इसके लिए रिजर्व में सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के पास ईवीएम होंगी। साथ ही इंजीनियरों की टीम भी लगाई गई है। जो खराबी आने पर कंट्रोल रूप और संबंधित निर्वाचन अधिकारी को तत्काल सूचित करेंगे। - शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी/ जिला निर्वाचन अधिकारी।