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अदालत ने बरकरार रखी सजा

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अदालत ने बरकरार रखी सजा
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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश व न्यायालय संख्या पांच अभय श्रीवास्तव की अदालत ने दहेज उत्पीड़न के मामले में सजा के खिलाफ की गई अपील को खारिज कर सजा को बरकरार रखा है।
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पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भान प्रकाश सिरवैया के अनुसार थाना चिरगांव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मियापुर निवासी शबाना की शादी चार जून 2005 को सईद खां के साथ हुई थी। शबाना ने पति, ससुर, सास, जेठ आदि पर एक बाईक व पचास हजार रुपये नगद की मांग पूरी न होने पर गाली गलौच, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुये थाना चिरगांव में तहरीर दी थी। कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने एसएसपी से गुहार लगाई थी। इस मुकदमे में एसीजेएम प्रथम के न्यायालय ने पति सईद खां, जेठ रहीश खां, सास मुन्नी, जेठानी रूबीना व ससुर नजीर खां को धारा 498ए के अपराध में तीन - तीन साल की सजा, एक - एक हजार रुपये अर्थदंड व धारा 506, धारा 04 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में में दो - दो साल की सजा, पांच पांच सौै रुपये अर्थदंड व दो - दो हजार रुपये अर्थदंड और धारा 323/149 के अपराध में एक-एक वर्ष के कारावास और पांच - पांचसौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके विरूद्ध अभियुक्तों ने अपील की। सुनवाई उपरांत अदालत ने सजा बरकरार रखी है।
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