टैंकर चलें तो कम हों मुश्किलें
झांसी। महानगर के पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों में जल संस्थान ने 15 अप्रैल के बाद टैंकर चलाने का निर्णय लिया था, लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी टैंकरों का संचालन शुरू नहीं हो सका है, इससे लोग परेशान हो रहे हैं। हैंडपंपों पर भीड़ लग रही है। जलसंस्थान अधिकारियों का कहना है कि अभी मांग नहीं है, इसलिए एक मई से ही टैंकर सुचारु रूप से चलाए जाएंगे।
महानगर में 30 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पाइप लाइन न होने के कारण हर साल गर्मियों में भीषण जल संकट खड़ा हो जाता है। गर्मियों में इन क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती है। जल संस्थान के पास 36 टैंकर हैं। इसमें 30 टैंकरों से पानी को संकटग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचाया जाता है। छह टैंकर आकस्मिक सेवा के लिए रखे रहते हैं। इस समय पानी को तरसने वाली महानगर की एक चौथाई आबादी टैंकर का संचालन जल्द शुरू होने की आस लगाए बैठी है। वहीं, जलसंस्थान अभी तक टैंकरों का संचालन शुरू नहीं कर सका है। जबकि, विभाग ने 15 अप्रैल के बाद टैंकरों को चलाने का निर्णय लिया था। इससे लोगों को हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पिछले दिनों बारिश से मौसम ठंडा हो गया था। इससे टैंकर चलाने के लिए अभी कहीं से मांग नहीं है। एक मई से सुचारु रूप से टैंकर चलाए जाएंगे। अगर किसी क्षेत्र से मांग आएगी तो वहां पहले ही टैंकर भेजना शुरू कर दिया जाएगा। - कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान।
इन क्षेत्रों में पहुंचाना है
करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, मयूर विहार कॉलोनी सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्देश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मैला की टौरिया, मसीहागंज, लहरगिर्द, करारी, राजपूत नगर, बौद्धनगर, खैरा, ईसाई टोला, ताज कंपाउंड, नंदनपुरा में पाइपलाइन नहीं होने के कारण गर्मियों में टैंकरों से जलापूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।