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पीएम किसान योजना का सर्वे आज से-Cordination

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किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपये इसी महीने
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झांसी। लघु और सीमांत किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना पर काम शुरू हो गया है। भारत सरकार ने अधिकतम दो हेक्टेयर कृषि भूमि वाले किसानों के बैंक खाते में छह हजार रुपये सालाना (तीन किस्तों में) भेजने के लिए किसानों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है। सर्वे आज से शुरू होगा।
किसानों को पैसा उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजा जाएगा। पहली किस्त (दो हजार रुपये) इसी फरवरी में किसानों को मिलेगी। योजना का लाभ देने के लिए लघु और सीमांत किसान परिवार का नाम, बैंक खाता नंबर, आधार नंबर (पहली किश्त उन किसानों को भी मिलेगी, जिनके पास आधार नंबर नहीं है) और मोबाइल फोन नंबर मांगा गया है। भूलेख एवं पारदर्शी किसान पोर्टल से ग्रामवार सूची निकालकर हर राजस्व ग्राम के लिए टीम का गठन करके गांवों का सर्वे किया जाना है।
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सर्वे छह से 11 फरवरी तक जिले के सभी राजस्व गांवों में किया जाएगा। डीएम शिवसहाय अवस्थी ने जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ देने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर सूची लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों द्वारा तैयार होगी, जो एसडीएम के माध्यम से हार्ड और एक्सल शीट पर साफ्ट कॉपी भूलेख अनुभाग कलेक्ट्रेट में चार दिन में आवश्यक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि कोई भी पात्र योजना से वंचित न रह जाए।
यदि किसान का शामिल खाता है तो प्रत्येक किसान परिवार की जमीन की गणना अलग-अलग कराई जाएगी और किसान परिवारों को लघु एवं सीमांत किसान होने की श्रेणी में आने पर ही लाभान्वित किया जाएगा। प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश भेजकर पीएम किसान योजना पर जल्द कार्रवाई करने को कहा है। किसानों के नाम की सूची पारदर्शी किसान पोर्टल से निकाली जाएगी। इस कार्य के लिए सीडीओ को नोडल अधिकारी व कृषि विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
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चार-चार महीने में मिलेगी किस्त
योजना के अंतर्गत छह हजार रुपये सालाना दिए जाने हैं। चार-चार महीने में दो-दो हजार रुपये की किस्त दी जाएगी।

दो श्रेणी बनेंगी
राजस्व गांव में लघु व सीमांत किसानों को जमीन के क्षेत्रफल के आधार पर चिह्नित किया जाएगा तथा पारदर्शी किसान योजना पोर्टल से राजस्व ग्रामवार लघु और सीमांत किसानों की सूची निकाली जाएगी। किसानों की सूची को दो अलग-अलग भागों में बांटा जाएगा। भाग एक की सूची में उन किसानों के नाम रहेंगे, जो पारदर्शी किसान पोर्टल में हैं। भाग दो में उन किसानों की सूची होगी, जिनके नाम पारदर्शी किसान पोर्टल में दर्ज नहीं हैं।
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