झांसी। ग्वालियर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइटें न सुधरने से लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। साथ ही अंधेरे में अराजक तत्व सक्रिय रहते हैं। जो स्ट्रीट लाइटें जल भी रही हैं, वह भी सड़क से दूर लगी हैं। इससे उनकी रोशनी भी सड़क पर नहीं पड़ रही है। इससे रात के वक्त यहां से निकलने वाले लोग परेशान रहते हैं। इस पर न न तो नगर निगम ध्यान दे रहा है और न ही उद्योग विभाग।
ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग से आगे अमर उजाला तिराहे से औद्योगिक क्षेत्र में जाने वाली सड़क पर एक तरफ 12 से अधिक स्ट्रीट लाइट लगी हैं। यह सड़क डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करके रेल पटरियों के पास तक जाती है। बीच में कई औद्योगिक इकाइयां लगी हैं। सड़क किनारे झाड़ियां और बेतरतीब मिट्टी का रास्ता है।
ऊबड़ खाबड़ मिट्टी के रास्ते पर पत्थर भी पड़े हैं, इससे लोग सड़क पर चलने में भी भलाई समझते हैं। मगर, रात के वक्त इस सड़क पर अंधेरा पसरा रहने से लोग जरा सी चूक पर दुर्घटना का शिकार बन रहे हैं। दरअसल, यहां लगी आधी से ज्यादा स्ट्रीट लाइट पिछले कई महीने से बंद पड़ी हुई हैं। अंधेरे में सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है।
दूसरा, अंधेरे का लाभ उठाकर लोग इस सड़क के इर्दगिर्द अक्सर नशाखोरी करते नजर आते हैं। ये स्थिति तब है जबकि पास में ही पालीटेक्निक कालेज का महिला छात्रावास व स्टाफ की कॉलोनी है, जिसके कारण इस सड़क पर देर शाम तक आवागमन लगा रहता है। अंधेरा होने की वजह से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है और खतरा भी बना रहता है। बावजूद, रोजगार के इस बड़े केंद्र की व्यवस्थाओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
‘केबल खराब होने के कारण औद्योगिक क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटें खराब चल रही हैं। जल्द ही इनको सुधरवा दिया जाएगा।’
प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त।