मोहल्ला खुशीपुरा में बिपिन बिहारी इंटर कॉलेज का खेल का मैदान बदहाल है। एक समय यहां मेजर ध्यानचंद हॉकी का अभ्यास करने आते थे। जबकि अभिनेता देवानंद की फिल्म ‘लव मैरिज’ की शूटिंग भी इसी मैदान पर हुई थी। लेकिन आज बदहाली का आलम यह है कि जहां बच्चों को खेलने का अभ्यास करना चाहिए, वहां पर कचरा और मलबा का ढेर लगा है।
एक जमाना था, जब बिपिन बिहारी इंटर कॉलेज में पढ़ना छात्रों के लिए गौरव की बात होती थी। कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए छात्र लालायित रहते थे। यहां के खेल के मैदान की अहमियत इतनी अधिक थी कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद इस मैदान में प्रैक्टिस करने आते थे। उस वक्त के कॉलेज की बुलंदियों का ही असर था कि अपने जमाने के लोकप्रिय फिल्म अभिनेता देवानंद की फिल्म ‘लव मैरिज’ की शूटिंग कॉलेजके मैदान पर हुई थी, इसमें देवानंद की क्रिकेट खेलते समय शूटिंग हुई थी।
लेकिन, आज यह खेल का मैदान बुरे दौर से गुजर रहा है। इसकी देखरेख नहीं होने के कारण यहां पर कचरा डाला जा रहा है। पानी की टंकी के लीकेज से मैदान गीला पड़ा है तथा कचरा पूरे मैदान में फैला रहता है। कॉलेज ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए एक पत्र लिखकर नगर निगम को मैदान का जिम्मेदार बना दिया है। कॉलेज को न तो छात्रों के भविष्य से मतलब है और उनके अंदर छिपी खेल प्रतिभाओं का। न जाने कितने छात्र खेल से वंचित हो रहे हैं।
खेल शुल्क की जांच कराई जाए
बिपिन बिहारी इंटर कॉलेज में खेल के मैदान की सुविधा नहीं है, जबकि छात्रों से खेल शुल्क लेने का प्रावधान है। पार्षद ने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि कॉलेज में सालाना कितना खेल शुल्क आता है और इस पैसे को कहां पर खपाया जा रहा है।
झाड़ियों में दब गया ट्रांसफार्मर
कॉलेज के मैदान पर ट्रांसफार्मर रखा है, लेकिन इसके चारों ओर झाड़ियां खड़ी होने के कारण दिखाई नहीं दे रहा है। पूरे मैदान में मकानों की तोड़फोड़ का मलबा पड़ा है। आसपास जिसका भी नया मकान बनता है, वह पुराने मकान को तुड़वाकर उसका मलबा बीआईसी के मैदान में डाल देता है।
हमने नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर मांग की है कि इसकी गंदगी साफ कराई जाए। मैदान में खड़े होने लायक जगह नहीं है। इसे पूरी तरह से साफ कराया जाना जरूरी है, तभी आसपास सफाई रह पाएगी।
- पूर्व पार्षद सुरेश चंद्र गोपी
मैदान के किनारे पानी की टंकी बनी है। टंकी का वाल्व खराब है, जिससे पानी का लीकेज होता है। लीकेज से पूरा मैदान कीचड़युक्त रहता है। कचरे का डिब्बा रखा है, जिसके चारों ओर कचरा फैला रहता है, जबकि कॉलेज के मैदान में कचरा का डिब्बा नहीं होना चाहिए। जिनको मकान का मलबा डालना होता है, वह रात के अंधेरे में डाल जाते हैं।
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पार्षद पुष्पेंद्र
कॉलेज के मैदान की बाउंड्रीवाल टूटी है, बगल से नाला निकला हुआ है। कॉलेज के पास फंड की कमी है। लेकिन, शासन से फंड की व्यवस्था होने से मैदान को ठीक करा दिया जाएगा।
- दिनकर सक्सेना, प्रधानाचार्य