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ढेरी में सौ फीसदी फसल चौपट

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लेखपाल की रिपोर्ट और हकीकत में बड़ा अंतर
- एडीएम ने मौके पर जाकर देखा फसलों का नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बारिश से बर्बाद खरीफ की फसल के सर्वे में लेखपाल द्वारा दी गई रिपोर्ट और अपर जिलाधिकारी के निरीक्षण में भारी अंतर आया है। जहां लेखपाल और कानूनगो ने अपनी रिपोर्ट में 40 फीसदी फसल का नुकसान बताया था, वहीं अपर जिलाधिकारी नगेंद्र शर्मा ने मौके पर 100 प्रतिशत नुकसान देखा है।
बरसात से फसलों की क्षति का सर्वे कराया गया था। अब उसका सत्यापन हो रहा है कि कोई किसान छूट न गया हो अथवा नुकसान अधिक न हो गया हो। इसको लेकर बृहस्पतिवार को मोंठ तहसील के ग्राम ढेरी में अपर जिलाधिकारी नगेंद्र शर्मा ने खेतों का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि बरसात से तिल, उड़द और मूंग की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। फसलों का सौ प्रतिशत नुकसान है। जबकि, लेखपाल और कानूनगो द्वारा बीस दिन पहले किए गए सर्वे में 40 प्रतिशत नुकसान बताया गया था। उन्होंने कहा कि किसानों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, जो वास्तविकता होगी। उसी के अनुरूप सर्वे होगा। नुकसान का प्लाट टू प्लाट सर्वे फिर से कराने के निर्देश दिए। धान की फसल में नुकसान देखने के लिए अटरिया गांव का निरीक्षण किया, लेकिन धान में किसी तरह का नुकसान नहीं मिला।
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उनके साथ एसडीएम अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह, तहसीलदार लक्ष्मीनारायण, भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रवक्ता बान सिंह मौजूद रहे।


फसल अवशेष न जलाएं, होगी प्रतियोगिता
झांसी। फसल कटने के बाद किसान खेतों में खड़े ठूंठ में आग लगा देते हैं। इससे न केवल खेतों में पाए जाने वाले वैक्टीरिया मर जाते हैं, बल्कि खेतों की उर्वरा शक्ति पर असर पड़ता है। गांवों में आग लगने की घटनाएं होती हैं और पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूूनल ने फसल अवशेषों में आग लगाने पर रोक लगा दी है। फसल अवशेषों में आग न लगाई जाए, इसके लिए बच्चों को कृषि विभाग जागरूक करेगा। सभी तहसीलों में एक अक्तूबर को फसल अवशेष प्रतियोगिता होगी। इसमें बच्चे चित्रकारी के माध्यम से फसल अवशेष न जलाए जाएं, इसका संदेश देंगे। प्रतियोगिता मेें कक्षा नौ से लेकर 12 वीं तक के छात्र- छात्राएं हिस्सा लेंगे। जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में पहला स्थान पाने वाले को दस हजार रुपये, दूसरा स्थान पाने वाले को साढ़े सात हजार और तीसरा स्थान पाने वाले को पांच हजार रुपये पुरस्कार दिया जाएगा। जिस प्रतिभागी की पेंटिंग सबसे अच्छी होगी, उसे अगले महीने लखनऊ में लगने वाले कृषि कुंभ में प्रदर्शित किया जाएगा।
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