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अक्तूबर से ‘झटका’ नहीं देगा ‘करंट’
ट्रिपिंग से कटौती बचाने के लिए ढांचा सुधारने का काम शुरू
दो महीने में पूरा होना है काम, कनेक्शन भी शाम पांच से छह के बीच कटेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बिजली ट्रिपिंग के कारण अब लोगों को अघोषित कटौती का सामना नहीं करना होगा। इसके लिए दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले झांसी, मथुरा, फिरोजबाद और अलीगढ़ को अक्तूबर तक ट्रिपिंग मुक्त बनाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए विभाग ने प्रभावी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस दौरान कनेक्शन काटने का काम भी शाम पांच से छह बजे के बीच होगा।
महानगर में 16 सबस्टेशन हैं, जिनसे करीब 100 फीडर जुड़े हैं। ट्रिपिंग से 24 घंटे में प्रत्येक फीडर पर दो से तीन बार बिजली जाती है। ट्रिपिंग की समस्या न रहे, ताकि उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से बिजली मिल सके। इसके लिए हाइटेंशन और लो टेंशन लाइनों में जगह-जगह फ्यूज और अन्य जरूरी उपकरण लगाए जाएंगे। इससे यह होगा कि जिस लाइन में ट्रिपिंग होगी, उतना ही क्षेत्र प्रभावित होगा। सबस्टेशन से सभी क्षेत्रों की बिजली गुल नहीं होगी।
प्रभारी मुख्य अभियंता (वितरण) राकेश वर्मा ने बताया कि सभी फीडरों को ट्रिपिंग मुक्त कराने पर काम शुरू कर दिया गया है। दो महीने में ट्रिपिंग को दो-तीन से एक पर लाना है। कोशिश तो है कि ट्रिपिंग बिलकुल न हो। साथ ही जिन फीडरों पर बकायेदारों के कनेक्शन काटने का काम होना है। उन पर भी शाम पांच से छह बजे के बीच ही बिजली काटी जाएगी।
ये काम होंगे
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- हाइटेंशन लाइन से पेड़ की टहनियां दो मीटर तक दूर हाेंगी।
- कमजोर व पुराने पेड़ों को चिह्नित कर कटवाया जाएगा, ताकि आंधी-तूफान में पेड़ तारों पर आकर न गिरें।
- लो टेंशन वितरण लाइन पैनल स्विच व फ्यूज स्थापित कराए जाएंगे।
- हाइटेंशन लाइन के खराब जंफर बदलेंगे और हॉट प्वाइंट रात में जांचें जाएंगे।
- हाइटेंशन लाइन के तार पिन इंसुलेटर पर ठीक से स्थापित होंगे।
- पुराने व चटके डिस्क इंसुलेटरों को बदला जाएगा।
- नीचे जंग के कारण गले खंभे बदलेंगे।
- वितरण ट्रांसफार्मरों के फ्यूज उचित क्षमता के लगेंगे।
- ट्रांसफार्मरों के पास वायरमैस फेंसिंग होगी।
- हाइटेंशन लाइनों के बीच सेक्शन पोल बनाकर आइसोलेटर स्थापित होंगे।
इनका रखा जा रहा ध्यान
सबस्टेशन पर ब्रेकर, पैनल, अर्थिंग और ट्रांसफार्मरों में तेल आदि उपकरणों पर नजर रखी जा रही है। यार्ड साफ सुथरा होना चाहिए। दीवार पर हेल्पलाइन नंबर 1912, अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता का मोबाइल नंबर अंकित होना जरूरी है। उपभोक्ताओं के लिए पीने का पानी और सुरक्षा यंत्र होना चाहिए।
जानिए ट्रिपिंग
बिजली दो तरह की ट्रिपिंग से जाती है। एक फाल्ट आने पर मेंटेनेंस काम के लिए शटडाउन लेकर बंद करवाने पर और दूसरी हाइटेंशन लाइन या लो टेंशन लाइन (तारों) में पेड़ की टहनी टकराने या तार चिपककर तुरंत छूटने से जाने वाली बिजली। दूसरे कारण में बिजली ट्रिप होने के बाद दोबारा जल्द चालू हो जाती है।
जेई होंगे जिम्मेदार
ट्रांसफार्मर फुंकने पर उपभोक्ता सीधे प्रभावित होते हैं। अब ट्रांसफार्मर फुंकने पर संबंधित जेई को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। माना जाएगा कि जेई द्वारा रखरखाव की कमी के कारण ट्रांसफार्मर फुंक गया।