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जिला अस्पताल में आईं दो सीआर्म मशीन-City

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अब एक्सरे के दौरान दिक्कत नहीं होगी मरीजों को
जिला अस्पताल में आईं दो सीआर्म मशीन
- ऑपरेशन में मिल रही मदद, अब मेडिकल कॉलेज रेफर नहीं होंगे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जिला अस्पताल में दो सीआर्म मशीन आ गई हैं। एक सर्जरी तो दूसरी ऑथोपेडिक के ऑपरेशन थिएटर में लगवाई गई है। एक्सरे के दौरान रोगी को इधर-उधर करवट दिलवाने और घूमाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मशीन खुद घूमकर एक्सरे करेगी। इससे उन मरीजों को राहत मिलेगी, जिन्हें आपरेशन करवाना होता है। मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर नहीं करना पड़ेगा।
सीआर्म एक्सरे की आधुनिक तकनीक से लैस मशीन है। मशीन का आकार अंग्रेजी के शब्द सी की तरह होता है। इसलिए मरीज को एक्सरे के दौरान करवट दिलवाने की जरूरत नहीं होती है। मशीन को घुमाकर ही एक्सरे करा लिया जाता है। जिला अस्पताल में पिछले ढाई साल से सीआर्म मशीन नहीं थी। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को काफी परेशानी होती थी। नौ मई को मंडलायुक्त ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। डॉक्टरों ने उनको सीआर्म मशीन नहीं होने की समस्या बताई थी। इसके बाद उन्होंने शासन को सीआर्म मशीन के लिए पत्र लिखा। सीएमएस डॉ. बीके गुप्ता ने भी शासन के साथ पत्राचार किया। पांच-छह महीने के प्रयास के बाद जिला अस्पताल को दो सीआर्म मशीन मिल गई। सीएमएस ने बताया कि सर्जरी और ऑर्थोपेडिक ओपीडी में एक-एक सीआर्म मशीन लगवाई गई है। मशीन आने के बाद हड्डी के ऑपरेशन भी बढ़ गए हैं। एक सीआर्म मशीन और आने की संभावना है।
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ऐसे होगा फायदा
- हड्डी टूटने पर यदि मरीज के शरीर में रॉड डालनी पड़ी, तब डॉक्टर चीरे का अंदाजा सीआर्म मशीन से लगा सकेंगे।
- गुर्दे और पेशाब की थैली के बीच पथरी होगी और ऑपरेशन नहीं हो सकेगा, तो स्टंट (नली) डाली जा सकेगी। इसके बाद गुर्दे की पेशाब नली से पेशाब की थैली में चली जाएगी।
- कई बार गुर्दे की छोटी पथरी नहीं दिख पाती है, मरीज के जरिए एक्सरे कर पता लगाया जा सकेगा।
- कभी-कभी शरीर में कांच, सुई आदि टूटकर घुस जाती है, तो सीआर्म मशीन इसको पता करने में भी मददगार साबित होगी।
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