रेन वाटर हार्वेस्ंिटग बिना नक्शा पास नहीं
सब हेड: डिप्टी सीएम ने कहा, नए व पुराने मकानों में वर्षा जल संचय अनिवार्य
क्रासर
नगर निगम को दिया सुझाव, पानी बचाने वालों को हाउस टैक्स में दें पांच फीसदी छूट
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जब झांसी विकास प्राधिकरण उन्हीं मकानों का नक्शा पास करेगा, जिनमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने जेडीए को इसके निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम से कहा कि नए के साथ पुराने मकानों में वर्षा जल संचय करने की व्यवस्था कराएं। लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए हाउस टैक्स में पांच फीसदी की छूट दें।
उन्होंने कहा कि दिनोंदिन घटते जा रहे जलस्तर में सुधार रेन वाटर हार्वेस्टिंग से होगा। इससे आसपास लगे हैंडपंप का जलस्तर बढ़ जाएगा, जिससे पानी की किल्लत दूर होगी। जो मकान पुराने हैं, वह पानी का एक सोख्ता गड्ढा बनवाकर पूरे मकान का पानी उसमें डाल सकते हैं। घर का पानी घर में, मुहल्ले का पानी मुहल्ले में और शहर का पानी शहर में रहे, अब इस सिद्धांत पर काम करना होगा, अन्यथा पानी की कमी कभी पूरी नहीं होगी। जेडीए रेन वाटर हार्वेस्टिंग को नक्शा स्वीकृत करते समय अनिवार्य करे और समय- समय पर मकानों की जांच करे कि मकान में वर्षा जल संचय प्रक्रिया पूरी की गई है या नहीं। यदि कोई मकान स्वामी इसका पालन नहीं करता है तो उसको न तो एनओसी दी जाए और न ही मकान का नक्शा पास किया जाए।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि आज सड़क बनती है और कल उसे खोद दिया जाता है। अब यह नहीं चलेगा। केबल डालने वाली कंपनियों के साथ नगर निगम प्रशासन बैठक करे और तय करें कि कब और कहां खुदाई होगी। एक साल पहले बनी सड़क के किनारे कतई खुदाई नहीं होगी। यदि ऐसा पाया गया तो दोषी कंपनी और जिम्मदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पटरी पर बैठने वाले दुकानदारों की सूची तैयार करें और उन्हें जल्द से जल्द जगह दें। वेडिंग जोन में ही पटरी के दुकानदारों को बैठने की अनुमति दी जाए, नो वेडिंग जोन में यदि कोई दुकानदार बैठता है तो कार्रवाई की जाए। अतिक्रमण सख्ती से हटाया जाए।
जानिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग?
रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संशय) करने के लिए मकान की छत से बहने वाले बरसात के पानी को पाइप के माध्यम से मकान के नीचे जमीन में बने गड्ढे में लाया जाता है। इससे पानी इधर-उधर नहीं बहता, बल्कि जमीन के अंदर जाता है। इससे आसपास के पानी का स्तर बढ़ जाता है व पानी की किल्लत नहीं होती। लेकिन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम किसी इंजीनियर की सलाह पर बनाया जाना चाहिए।
विश्वविद्यालयों में शुरू होगा जीएसटी कोर्स
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में जीएसटी पर कोर्स शुरू किया जाएगा। इसका अध्ययन कामर्स के छात्र-छात्राएं करेंगे। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास को भी कोर्स के रूप में शुरू किया जाएगा। सभी डिग्री कॉलेजों में वाई-फाई की सुविधा जल्द शुरू होगी। शिक्षक खुशमिजाज, विद्यार्थी तनावमुक्त और शिक्षा गुणवत्तापरक करने का प्रयास चल रहा है। जल्द ही यह बदलाव आमजन को दिखाई देने लगेगा। समय से परीक्षा होंगी और शिक्षण सत्र समय पर पूरा होगा, विद्यार्थियों को पढ़ाई का पूरा अवसर मिले। विद्यार्थी जो भी शोध करेंगे, वह ‘शोध गंगा’ पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, ताकि दूसरे विद्यार्थियों को इससे सीखने का मौका मिल सके।