झांसी। जिले में हत्या के कई मामलों में पुलिस की जांच कातिलों तक नहीं पहुंच सकी। पांच साल के दौरान हत्या के 11 हत्याओं की गुत्थी अब तक अनसुलझी है। इनमें सीपरी बाजार के बुजुर्ग दंपती हत्याकांड, कमलेश यादव की हाईप्रोफाइल हत्या, गुरसराय में सराफा कारोबारी के इकलौते बेटे राहुल सोनी की हत्या और सपरार बांध में मिले तीन युवतियों के शवों का मामला शामिल है। कई मामलों में पुलिस ने टीमें गठित कीं, लेकिन जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।
कमलेश यादव हत्याकांड की जांच तो पुलिस की लंबी कवायद के बाद सीबीसीआईडी को सौंप दी गई, लेकिन करीब दस माह बाद भी परिजनों को जांच की प्रगति का इंतजार है। वहीं, कई दूसरे मामले पुलिस की फाइलों में दर्ज होकर आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
डेढ़ सौ कैमरे खंगाले, फिर भी बुजुर्ग दंपती की मौत का राज नहीं खुला
इसी साल 29 अगस्त को सीपरी बाजार के गोविंदपुरी निवासी विश्वनाथ पाल (70) और उनकी पत्नी भुवन देवी (65) के शव घर में मिले थे। दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ स्वॉट टीम भी मौके पर पहुंची। खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गईं।
पुलिस ने आसपास लगे डेढ़ सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की, लेकिन अब तक मामले का रहस्य नहीं खुल सका है। स्थिति यह है कि अब छत पर लगे पंखे के नीचे गिरने से लगी चोट के कारण मौत की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। यानी पुलिस के सामने यह तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि बुजुर्ग दंपती की मौत हत्या थी या हादसा।
सराफा कारोबारी का इकलौता बेटा, पांच साल से इंतजार
8 अक्तूबर 2021 को गुरसराय कस्बे में सराफा कारोबारी नरेश सोनी के इकलौते बेटे राहुल सोनी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने खुलासे के लिए कई टीमें लगाईं। राहुल के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली गई और संभावित बिंदुओं पर जांच की गई, लेकिन पांच साल बाद भी हत्यारे तक पुलिस नहीं पहुंच सकी।
राहुल के पिता नरेश सोनी लंबे समय तक पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। इसके बावजूद मामला अब भी ब्लाइंड मर्डर की श्रेणी में ही बना हुआ है।
कमलेश हत्याकांड : दस माह बाद भी किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंची सीबीसीआईडी
14 जनवरी 2022 को सीपरी बाजार क्षेत्र में कारोबारी कमलेश यादव की हत्या कर दी गई थी। हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस ने खुलासे के लिए सीओ स्तर के अधिकारियों से लेकर एसआईटी तक को लगाया। कई अधिकारियों ने मामले की जांच की, लेकिन हत्या की अंतिम कड़ी तक पुलिस नहीं पहुंच सकी।
पुलिस की जांच बेनतीजा रहने के बाद 5 जनवरी 2026 को मामला सीबीसीआईडी को सौंप दिया गया। करीब दस माह बाद भी जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंची है। कमलेश की पत्नी सोनम यादव और भाई राजेश लगातार जांच की प्रगति जानने के लिए अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं।
परिजनों ने जांच की प्रगति जानने के लिए सूचना का अधिकार भी इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि सीबीसीआईडी ने जांच से जुड़ी जानकारी देने से छूट का हवाला देते हुए कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। कमलेश की पत्नी सोनम का कहना है कि परिवार कई साल से न्याय की उम्मीद में इंतजार कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
सपरार बांध में तीन युवतियों के शव, सवाल आज भी कायम
अक्तूबर 2022 में मऊरानीपुर के सपरार बांध से ऋतु, रेनू पुरवार और उनकी रिश्तेदार रिंकी के शव बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों के शरीर पर चोट के निशान मिले थे। मामले को लेकर परिजन लंबे समय तक पुलिस से हत्या का खुलासा करने की मांग करते रहे।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें संतोषजनक जवाब मिलने के बजाय मामला ठंडे बस्ते में चला गया। तीनों युवतियों की मौत के पीछे की वजह और जिम्मेदार लोगों तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच सकी है।
युवती की पहचान तक नहीं, युवक की हत्या भी बनी पहेली
रक्सा क्षेत्र में अप्रैल 2023 में काली माता मंदिर के पास नाले से एक युवती का अर्धनग्न शव मिला था। पुलिस अब तक उसकी पहचान नहीं कर सकी है। पहचान न होने के कारण हत्या की जांच भी आगे नहीं बढ़ सकी।
इसी तरह दिसंबर 2021 में नवाबाद के जीवन शाह कब्रिस्तान में अज्ञात युवक का शव मिला था। हत्या के बाद उसका चेहरा बिगाड़ दिया गया था, जिससे उसकी पहचान में भी मुश्किल हुई। अब तक उसकी पहचान और हत्या की वजह का पता नहीं चल सका है। प्रेमनगर में मीना अहिरवार और मेडिकल कॉलेज परिसर में आकाश गौतम की हत्या की गुत्थी भी अब तक नहीं सुलझ सकी है।
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हत्या के जिन भी पुराने मामलों का खुलासा नहीं हुआ है, उनको खोलने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए टीमें लगाई जाएंगी। पुराने मामलों का भी खुलासा होगा। - विकास कुमार, एसएसपी