भोजला मंडी में 103 दुकानें और आवंटित
झांसी। सोमवार को भोजला स्थित नवीन मंडी में लॉटरी के जरिये 103 दुकानों का और आवंटन कर दिया गया है। इसमें ए, बी और सी श्रेणी की दुकानें शामिल हैं। बीते तीन साल के मंडी शुल्क टर्नओवर को मद्देनजर रखते हुए लॉटरी निकाली गई। सात व्यापारी पात्र नहीं मिले। इसलिए वह लॉटरी में हिस्सा नहीं ले सके।
क्षेत्र के किसान अपनी उपज आसानी से बेच सकें और कारोबार को गति मिले, इसी उद्देश्य के साथ उनाव बालाजी रोड पर भोजला में मंडी का निर्माण किया गया। यहां 124 दुकानें हैं, इसमें ए श्रेणी की 36, बी की 40 और सी की 48 हैं। पूर्व में बोली लगाकर ए श्रेणी की छह व सी श्रेणी की तीन दुकानों का आवंटन कर दिया गया था। इसके बाद ए श्रेणी की 30, बी की 40 और सी श्रेणी की 45 कुल दुकानें बची थीं। इन दुकानों के आवंटन में मंडी प्रशासन ने पारदर्शिता बरतते हुए लॉटरी सिस्टम कर दिया। सोमवार को किसान बाजार में लॉटरी निकाली गई। बीते तीन साल के मंडी शुल्क टर्नओवर को देखकर व्यापारियों को लॉटरी डालने का मौका दिया गया। मानक पर खरे न उतरने पर सात व्यापारी लॉटरी नहीं डाल पाए। 103 व्यापारियों को लॉटरी के जरिये दुकानों का आवंटन कर दिया गया। इसमें ए श्रेणी की 18, बी की 40 और सी श्रेणी की 45 दुकानें हैं। इस दौरान उपनिदेशक मंडी सीपी तिवारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नागेंद्र शर्मा, उप निदेशक निर्माण विमलेश मिश्रा, मंडी सचिव पंकज शर्र्मा, एसडीएम सदर राजकुमार, संभागीय लेखा अधिकारी ओपी गुप्ता शामिल रहे।
12 दुकानों की होगी नीलामी
मौजूदा समय में भोजला मंडी में अभी 12 दुकानों का आवंटन नहीं हो सका है। उप निदेशक मंडी सीपी तिवारी ने बताया कि अब इन दुकानों की नीलामी की जाएगी। ऐसे दुकानदार जो ए श्रेणी की मंडी शुल्क की पात्रता रखते हो, वह इनकी नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेकर बोली लगा सकेंगे।
नई मंडी में ऐसी हैं दुकानें
‘ए’ श्रेणी की दुकानों का क्षेत्रफल 13 गुणा नौ मीटर है। दुकान के ऊपर केबिन, टॉयलेट, आगे नौ मीटर का बरामदा और ऊपर जाने की अलग से रास्ता है। ‘बी’ श्रेणी की दुकानों में भी यह सभी सुविधाएं हैं। बस उनका क्षेत्रफल ए श्रेणी से कम आठ गुणा ग्यारह मीटर है। जबकि, ‘सी’ श्रेणी की दुकानें छह गुणा नौ मीटर की हैं। इनमें उक्त सुविधाएं नहीं हैं।
यह भी हैं सुविधाएं
नई मंडी में फेसिलिटी सेंटर, जनसंपर्क कार्यालय, पुलिस चौकी, कैंटीन, रेस्ट रूम, पार्किंग, बैंक और पोस्ट ऑफिस की सुविधा होगी। इनमें कुछ का निर्माण होना है। छह नीलामी चबूतरे बनाए गए हैं। इसके अलावा मंडी परिसर में विकास की असीम संभावनाएं हैं। मंडी का क्षेत्रफल सौ एकड़ है, जबकि निर्माण सिर्फ छत्तीस एकड़ में ही हुआ है। खाली जगह का उपयोग किसान और कारोबारियों की आवश्यकता के अनुसार होगा।