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संवेदनशीलता से रुकेंगे बाल व महिला अपराध

Sat, 23 Feb 2019 08:22 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
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यूपी पुलिस
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झांसी। शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक में बाल व महिला अपराधों पर चर्चा कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। एसपी देहात राहुल मिठास ने कहा कि ज्ञान तो बाहर से प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन संवेदनशीलता अंदर से आती है। बच्चों व महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न को संवेदनशीलता से महसूस करें और इसके बाद ही त्वरित कार्रवाई करें।

उन्होंने सभी थानों में नियुक्त बाल अधिकारी (विशेष किशोर अफसर) से बाल अपराध पर रोक लगाने के लिए किए कार्यों के बारे में जानकारी हासिल की। कहा कि किसी अपराध में अगर कोई किशोर पकड़ा जाता है तो उनकी जानकारी की जाए। अभिभावकों को बच्चों से मजदूरी कराने की बजाय उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।
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बाल अपराध को बढ़ावा देने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। कहा कि पुलिस बाल अपराध पर रोक लगाने के लिए कार्य कर रही संस्था के सदस्यों का सहयोग भी लें। उन्होंने कहा कि किशोरों से मजदूरी का कार्य कराना अपराध की श्रेणी में आता है। यह जानते हुए अगर कोई कार्य करा रहा है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करें। थानों पर नियुक्त जो बाल अधिकारी कार्य के प्रति लापरवाही करेगा उसके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी। इस दौरान कई बाल अधिकारियों ने कार्य करने के दौरान आने वाली समस्याओं को भी अवगत कराया।
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प्रत्येक थाने में किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं पॉक्सो एक्ट से संबंधित दिशा- निर्देश अनिवार्य रूप से रखें। सभी प्रकार के हेल्पलाइन नंबरों को थाना क्षेत्रों में दीवार पर पेंट से अंकित कराया जाए। आशा ज्योति केंद्र में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विभाग द्वारा एक महिला पुलिस रिपोर्टिंग चौकी भी स्थापित की जा चुकी है। बाल कल्याण समिति के सदस्य व मजिस्ट्रेट आबिद खान ने बताया कि अधिकांश थानों में किसी बालक या बालिका के बरामद होने की स्थिति में थाना प्रभारियों द्वारा उन्हें बाल कल्याण समिति के पास न लाकर माता पिता के सुपुर्द कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई नहीं हो पाती है। इस मौके पर यूनीसेफ लखनऊ के प्रतिनिधि परिक्षित सेठ, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल सिंह, डॉ. ममता जैन, बाल संरक्षण अधिकारी अभिषेक मिश्रा, कोआर्डिनेटर अमरदीप, बिलाउल हक मौजूद रहे।
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