खाली प्लाट पर देना होगा टैक्स
झांसी। नगर निगम सीमा में यदि आपका प्लाट है तो उस पर भी टैक्स देना होगा। इसके लिए विभाग ने सर्वे कर 7571 प्लाट चिह्नित किए, जिन पर 43 लाख रुपये से अधिक सालाना टैक्स लगेगा। सभी के बिल तैयार हो गए हैं। जल्द ही प्लाट मालिकों को उनके टैक्स का बिल मिल जाएगा।
नगर निगम गठन के बाद पहली बार हुए मकानों के सर्वे के दौरान कई चीजें सामने आईं, जिन्हें सूचीबद्ध कर लिया गया है। महानगर में कई लोगों के नाम कामर्शियल संपत्ति है, जैसे कहीं पूरा मार्केट बना था, लेकिन हाउस टैक्स मकान का लग रहा था। किसी के मकान में नर्सिंग होम संचालित है, फिर भी वह हाउस टैक्स जमा कर रहा था। इससे न केवल टैक्स की चोरी हो रही थी, बल्कि राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। मकान भी एक लाख से अधिक हैं, लेकिन टैक्स 98 हजार मकानों से लिया जा रहा था। कुछ संपत्तियां ऐसी थीं, जिनमें मकान और दुकान दोनों हैं, लेकिन ऐसे लोग भी सिर्फ हाउस टैक्स जमा कर रहे थे।
नगर निगम को अब तक छह करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक टैक्स मिलता था, लेकिन मांग बढ़ जाने के बाद अब 18 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक टैक्स आएगा। पुरानी संपत्तियां 1046 थीं, जो बढ़कर 5985 हो गई हैं। पहले मकान 98793 थे, अब 100863 हो गए हैं। मिश्रित संपत्तियां शून्य थीं, जो 7267 हो गईं और खाली प्लाट शून्य थे, लेकिन अब बढ़कर 7571 हो गए हैं। यही स्थिति खाली प्लाटों की थी। खाली प्लाटों में आसपास वाले कचरा फेंक रहे थे, जिन्हें नगर निगम साफ करा रहा था। बदले में विभाग को कुछ नहीं मिल रहा था। नई नियमावली में ऐसे सभी खाली प्लाटों पर टैक्स लगाने को कहा गया था।
नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि अबकी बार हाउस टैक्स पूरी पारदर्शिता के साथ लगाया गया है। खाली प्लाट या ऐसे मकान जो हाउस टैक्स नहीं दे रहे थे, उन सभी को चिह्नित कर हाउस टैक्स के दायरे में लाया गया है।