पति, सास व ससुर को दस- दस साल की सजा
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) राधे मोहन श्रीवास्तव की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति, सास व ससुर को दस-दस साल की सजा सुनाई है। अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामकुमार पांडेय के अनुसार पूंछ निवासी राम प्रकाश ने 12 अक्टूबर 2017 को थाना समथर में तहरीर देते हुये बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री रश्मि की शादी अंबेडकर नगर समथर निवासी जितेंद्र कुमार से की थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति जितेंद्र, ससुर रमेश व सास पनकू बाइक व पचास हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर रश्मि को मारकर दूसरी शादी करने की धमकी देते थे। रश्मि ने आशंका जताते हुये पिता को बताया था कि मांग पूरी न होने पर ससुराली जन उसे जान से मार देंगे। जिस पर राम भरोसे ने जाकर रश्मि के ससुराली जनों को काफी समझाया था, इसके बाद भी वे नहीं माने। मांग पूरी न होने पर 11 अक्टूबर 2017 को रश्मि की हत्या कर दी गयी। लिखित तहरीर के आधार पर थाना समथर पुलिस ने धारा 498 ए, 304 बी एवं धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। जहां अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर अभियुक्त जितेन्द्र कुमार, रमेश अहिरवार व पनकू को धारा 304बी में दस-दस वर्ष के कारावास, धारा 498ए में दो-दो साल और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड सुनाया। धारा 04 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में छह-छह माह के कारावास की भी सजा सुनाई।अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि मृतिका के पिता व विधिक प्रतिनिधि को बतौर क्षतिपूर्ति अदा करने के अदालत ने निर्देश दिए।