दलितों पर हो रहे अपराधों पर संवेदनशील बनें : बृजलाल
झांसी। दलितों के साथ हो रहे अपराधों के प्रति संवेदनशील बनें। ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज किया जाए। अधिकारी भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी लें। यह बात उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने सर्किट हाऊस में अफसरों के साथ बैठक लेते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ दलितों को हर हाल में मिले। लाभार्थियों का सत्यापन कराकर अपात्रों को हटाया जाए। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के वंचित लाभार्थियों को सूची में शामिल करते हुए लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति नियमावली 1995 के संशोधन नियम 2016 के अंतर्गत अनुमन्य आर्थिक सहायता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाए।
उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रकार की घटनाआें पर मुकदमा दर्ज होने पर सहायता राशि का पच्चीस प्रतिशत देय होगा, जब आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित हो जाएगा, तब पचास प्रतिशत राशि देय होगी। पच्चीस प्रतिशत राशि अपर न्यायालय में दोष सिद्घ होने के बाद पीड़ित को दी जाएगी। घटना में मृत्यु हो जाने के बाद बच्चों को ग्रेजुएशन तक शिक्षा मुफ्त मुहैया कराए जाने का भी प्रावधान है। इस मौके पर जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी निखिल टी फुंडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुशील प्रकाश, समाज कल्याण अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मौजूद रहे।