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रानी की शादी: अंदर की मूल खबर-City

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श्रेणी - कल्चर
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फोटो...
फिर दोहराई गई इतिहास की चमकती तारीख
सब हेड... शहर में धूमधाम से मनाई गई रानी की शादी की सालगिरह
- गाजे बाजे के साथ निकली शोभा यात्रा
- विवाह की प्रतीकात्मक रस्में हुईं
- 19 मई 1842 को हुआ था रानी और राजा का विवाह
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। 19 मई 1842 (बैसाख शुक्ल दशमी संवत 1899) को बिठूर की कन्या मनु राजा गंगाधर राव से विवाह कर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई बनी थी। इतिहास की इस तारीख को शनिवार को झांसी में फिर से दोहराया गया। अवसर था रानी की शादी की सालगिरह की 176वीं वर्षगांठ का। शहर में धूमधाम से राजा-रानी की शोभा यात्रा निकाली गई और प्रतीकात्मक रूप से विवाह की अन्य रस्में हुईं, जिसमें लोगों ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया।
लक्ष्मी व्यायाम मंदिर के प्रांगण में पहले महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राकेश पाठक और सचिव गजानन खानवलकर ने महाराजा गंगाधर राव के स्वरूप को दूध-फैनी व पान खिलाया और महाराष्ट्रीय समाज की महिलाओं ने आरती उतारी। महापौर रामतीर्थ सिंघल, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष हरगोविंद कुशवाहा, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पं. विश्वनाथ शर्मा हिंदू धर्मार्थ न्यास के अध्यक्ष अनुराग शर्मा, मुकुंद मेहरोत्रा, मनमोहन गेड़ा आदि ने मंगल तिलक किया। तदुपरांत, उन्हें पूरे सम्मान के साथ बग्घी पर बैठाया गया। इसके बाद बग्घी पर रानी सवार हुईं। यहां से धूमधाम से शोभा यात्रा शहर भ्रमण के लिए निकली।
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शोभायात्रा में सबसे आगे झांसी राज्य का ध्वज और इसके पीछे महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कालेज का बैंड चल रहा था। समथर, दतिया और अन्य राजा महाराजाओं के स्वरूप घोड़ों व बग्घियों पर सवार होकर चल रहे थे। बीच में चल रहीं बग्घी पर रानी और राजा के स्वरूप सवार थे। शोभा यात्रा में साथ चल रहे बैंडों से देशभक्ति के तराने गूंज रहे थे। यात्रा में भारी संख्या में शहर के लोग शामिल हुए। बच्चे-बड़े, महिला-पुरुष सभी उत्साहित थे। रास्ते में यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत हुआ। शोभायात्रा में युवाओं की टोली नाचते - गाते चल रही थी। सिंधी तिराहा, मानिक चौक, सराफा बाजार होते हुए यात्रा प्राचीन श्रीगणेश मंदिर पहुंची। यहां द्वाराचार हुआ। लक्ष्मी महिला समाज की सचिव संगीता जोशी, सुप्रिया खानवलकर, सुनीता देवधर, निकीता श्रीवास्तव, वंदना पराडकर, हर्षा खेर ने स्वागत किया। मंदिर के सभागार में राजा-रानी के स्वरूप को मंच पर बैठाया गया। यहां लोगों में उनके साथ सेल्फी और फोटो लेने की होड़ मची रही।
इस अवसर पर व्यापारी नेता संजय पटवारी, अरविंद ओझा, देवेंद्र अग्रवाल गुड्डू, सुनील अग्रवाल, अजीत राय, रवीश त्रिपाठी, ऊषा बुधौलिया, पूर्व पार्षद मुकेश अग्रवाल, संजीव तिवारी, पीयूष रावत, प्रणय श्रीवास्तव, समीर तिवारी, सग्गू गोस्वामी, विशेषांक तिवारी, राजेश साहू, दीपक साहू, नरेंद्र गोस्वामी, जगमोहन बड़ौनिया, अनिल बड़ौनिया, हरविंद कुमार, अनिल जोशी, पंकज देवधर, अतुल किलपन, मोहन नेपाली, मनमोहन मनु, जगत प्रसाद सेठ, राजीव इंदापुरकर, मिलिंद देसाई, श्रीकांत, संजय तलवलकर, के के गुप्ता, आनंद खानवलकर, सुरेश खैर, रामकिशन निरंजन आदि मौजूद रहे।

रहा पारंपरिक अंदाज
रानी की शादी की सालगिरह के उत्सव का पारंपरिक अंदाज रहा। रानी बनी बालिका हर्षिता महाराष्ट्र समाज की पारंपरिक वेशभूषा नौ गजी साड़ी पहने हुए थी, तो राजा बनीं बालिका आयशा के सिर पर मराठा पगड़ी थी। शोभा यात्रा के साथ चल रहे तमाम लोगों के माथे पर चंदन का टीका और सिर पर केसरिया साफा था। विवाह से जुड़ीं वैवाहिक रस्में भी प्रतीकात्मक रूप से महाराष्ट्रीय रीति रिवाज के साथ पूरी की गईं।

स्वागत की रही होड़
शोभा यात्रा के स्वागत की लोगों में होड़ लगी रही। खंडेराव गेट पर पं. विश्वनाथ शर्मा हिंदू धर्मार्थ न्यास द्वारा यात्रा का स्वागत किया गया। पंचकुइयां पर भाजपा के प्रदीप सरावगी, संजीव अग्रवाल लाला, रोहित गोठनकर, विनीत खटीक, पुष्पेंद्र त्रिपाठी, शैलेंद्र प्रताप सिंह, दिलीप पुरी, समीर तिवारी ने स्वागत किया। सराफा बाजार में अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज विकास एवं शोध संस्थान द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर रामकुमार सोनी, दिलीप महोबिया, नरेंद्र, दिलीप सोनी आदि मौजूद रहे। इसके अलावा कई स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर बारात का स्वागत किया।

सफाई का रखा ख्याल
शोभा यात्रा के दौरान सफाई का विशेष ख्याल रखा गया। यात्रा के पीछे-पीछे नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की टीम चल रही थी, जो सड़क पर गिरने वाले फूल और डिस्पोजल ग्लासों को साफ करती चली रही थी। लगभग एक दर्जन कर्मचारी पूरी यात्रा के दौरान इस काम में जुटे रहे।
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बड़ाबाजार में मनाई गई वर्षगांठ
बड़ाबाजार स्थित रामलीला मंच पर भी रानी की शादी की सालगिरह मनाई गई। इस अवसर पर यश पाठक, मुकुल तिवारी, विपुल तिवारी, कृष्णा अग्रवाल, सागर दीक्षित ने संगीत की प्रस्तुति की। कार्यक्रम में अरुण द्विवेदी, भरत राय, पी के उपाध्याय, बड़े तिवारी, राज कारसेवक, लोकेश जैन, नेहरू तिवारी, महेश दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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