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लगातार गिर रहा पहूज बांध का जलस्तर,,,-City

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पहूज बांध का जलस्तर, खड़ा कर सकता संकट
- गर्मियों तक पानी मिलना होगा मुश्किल, 20 क्षेत्रों में होती सप्लाई
- जल संस्थान को प्रतिदिन मिलता है छह एमएलडी पीने का पानी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महानगर से पांच किलोमीटर दूर स्थित पहूज बांध का जलस्तर बारिश न होने से लगातार गिरता जा रहा है। बांध से छह एमएलडी (60 लाख लीटर) पानी प्रतिदिन जल संस्थान को मिलता हैं, जिससे शहर के 20 से अधिक क्षेत्रों को पानी की सप्लाई दी जाती हैं। पानी का रंग अभी से बदलने लगा है। यहीं हालत बने रहे तो गर्मियों तक पीने का पानी मिल सकेगा, उम्मीद कम ही लग रही है।
पहूज बांध का जलस्तर 234.09 मीटर है, जबकि वर्तमान में उसमें 232.32 मीटर पानी है। बारिश न होने से पानी का जलस्तर इस बार बिल्कुल नहीं बढ़ सका। दूसरी तरफ तेज धूप से भी पानी वाष्प बनकर उड़ रहा है। इससे बांध का जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है। आम दिनों में पहूज बांध से दतिया गेट फिल्टर को छह एमएलडी (60 लाख लीटर ) कच्चा पानी प्रतिदिन मिलता है। बांध में लगे दो पंपों की मदद से पानी फिल्टर तक पहुंचाया जाता है। जल शोधन के बाद इस पानी की सप्लाई 20 से अधिक क्षेत्रों को दी जाती हैं।
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चूंकि, पहूज बांध में सिल्ट बढ़ने से जल भराव की क्षमता भी कम हो गई है। इस कारण अभी से बांध का पानी रंग बदलने लगा है। इन दिनों बांध से दतिया गेट फिल्टर को मिल रहा कच्चा पानी बेहद गंदा व हरा आ रहा है। जल शोधन में फिटकरी व मात्रा के अनुरूप ब्लीचिंग मिलाने के बाद भी पानी का रंग साफ व काई की गंध खत्म नहीं हो पा रही है। विभागीय जानकारों की माने तो बांध के जलस्तर के हिसाब से इस बार गर्मियों तक पीने का पानी मिल सकेगा। उम्मीद कम ही लग रही है।

‘फिलहाल अभी पहूज बांध में पीने के पानी की समस्या नहीं है। इस साल के बाद स्थिति क्या बनेगी? अभी से कुछ नहीं कहा जा सकता।’
संजय कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग।

गिरते जलस्तर में यह भी हैं दिक्कतें
- तेज धूप से वाष्प बनकर उड़ रहा पानी
- सीपरी बाजार के नालों का गिरता है पानी
- बांध में 60 प्रतिशत जमी सिल्ट
- जलकुंभी ने भी पसार रखे है पैर

इन क्षेत्रों को मिलता हैं पानी
बाहर दतिया गेट रोड, थापक बाग, नकटा चौपड़ा, छुटकू का बगीचा, पंचवटी, अंदर और बाहर उन्नाव गेट, मेवाती पुरा, सरांय, अलीगोल, नई बस्ती, मुकरयाना, झारखड़िया व आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
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सफाई हुई तो जलाशय की भी बढ़ेगी क्षमता
सिंचाई विभाग के आंकड़ों में पहूज बांध के जलाशय की पूर्ण जल क्षमता 18.23 मीट्रिक घन मीटर है। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। एक सौ दस साल पुराने बांध की सफाई न होने के कारण सिल्ट जमने से इसकी क्षमता घट कर आधी से भी कम हो गई है। इसके अलावा सीपरी बाजार क्षेत्र से आए नालों की गंदगी भी इसमें मिल जाती है। इस कारण जलाशय में गंदगी भी भरी पड़ी है। बांध को खाली कर सफाई करा दी जाए इसकी क्षमता फिर से बढ़ाई जा सकती है।
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