मेडिकल कॉलेज का लोगो लगाएं
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70 रुपये न होने पर मरीज को भगाया
- मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की करतूत
- आज विभाग के एचओडी से बात करेंगे सीएमएस
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती महिला मरीज के पास 70 रुपये नहीं होने पर जूनियर डॉक्टर ने उसे इमरजेंसी वार्ड से भगा दिया। बाद में सूचना मिलने पर सीएमएस ने दोबारा मरीज को वार्ड में भर्ती कराया। सोमवार को इस प्रकरण में सीएमएस मेडिसिन विभाग के एचओडी से बात करेंगे।
प्रदेश की योगी सरकार का सबसे ज्यादा फोकस मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने पर है। हाल ही में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रकरण में प्रदेश सरकार द्वारा की गई सख्त कार्रवाई के बाद भी डॉक्टर सबक लेने को तैयार नहीं है। सरकार द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज को कुछ डॉक्टर यहां अव्यवस्था फैलाए हुए हैं। इसका एक उदाहरण हाल ही में सामने आया। शनिवार देर शाम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के वार्ड नंबर छह में महोबा के महोबकंठ थाने के पचारा गांव निवासी जानकी (38) भर्ती हुई थी। भर्ती होने के बाद मरीज का ईसीजी की गई। इसके बाद उससे ईजीसी की फीस 70 रुपये मांगी गई। महिला के पास पैसे न होने पर जूनियर डॉक्टरों ने उसे यह कहते हुए भगा दिया कि पैसे नहीं हैं, तो इलाज क्या कराओगी।
यह सूचना जब मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को मिली तो उन्होंने फिर से मरीज को भर्ती कराया। रविवार को उन्होंने प्रकरण की जांच की। सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने बताया कि महिला निजी नर्सिंगहोम में भर्ती थी। शनिवार शाम साढ़े बजे मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुई। ईसीजी कराने के बाद महिला ने पैसे नहीं दिए। इस पर जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि निजी अस्पताल में पैसा खर्च करने के लिए हैं लेकिन मेडिकल कॉलेज में देने को नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह इस प्रकरण में सोमवार को विभागाध्यक्ष से बात करेंगे।