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लाइसेंस नहीं लिया तो नगर निगम बंद करा देगा दुकान
सब हेड: अभियान चलाकर व्यापारियों नोटिस देकर वसूली जाएगी फीस
क्रासर
- बीयर बार, फाइनेंस व इंश्योरेंश कंपनी समेत 39 श्रेणियां तय
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अगर आपने अपनी दुकान का कॉमर्शियल लाइसेंस नहीं बनवाया है तो जल्द ही बनवा लें, नहीं तो नगर निगम आपकी दुकान का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराकर उसे बंद भी करा सकता है। व्यापारियों से लाइसेंस फीस वसूलने के लिए नगर निगम जल्द ही अभियान चलाएगा। लाइसेंस के लिए 39 श्रेणियां तय की गई हैं।
नगर निगम अधिनियम में देसी व विदेशी शराब, होटल, रेस्टोरेंट, इंश्योरेंश कंपनी, नर्सिंग होम, पशुपालन और पशुओं के मांस का कारोबार करने वालों के लाइसेंस बनाने का प्रावधान है। अब तक होटल, रेस्टोरेंट व नर्सिंग होम से ही टैक्स लिया जा रहा है। राजस्व बढ़ाने के लिए अब उन सभी मदों से टैक्स वसूला जाएगा, जिनका नगर निगम अधिनियम में उल्लेख है। हालांकि, पूर्व में नगर निगम के कर अधीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि सभी अपने-अपने क्षेत्र में मौजूद ऐसे दुकानदारों की रिपोर्ट दें और उनके खिलाफ टैक्स वसूल करें, लेकिन दुकानदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। आबकारी के दुकानदारों ने इसका विरोध किया था। उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन अब फिर से फाइल खुल गई है और जल्द ही इस संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता होगी। शहर में 70 से अधिक देसी और विदेशी शराब की दुकानें हैं। बकायेदारों को नोटिस जारी किए जाएंगे, ताकि वह लाइसेंस फीस जमा कर दें।
ये है लाइसेंस फीस
होटल दस बेड तक और रेस्टोरेंट की लाइसेंस फीस 01 हजार रुपये सालाना है। नर्सिंग होम बीस बेड तक 02 हजार रुपये, पचास बेड तक 05 हजार रुपये, प्रसूति गृह बीस बेड तक 04 हजार, बीस बेड के ऊपर 05 हजार रुपये, प्राइवेट अस्पताल 05 हजार रुपये, पैथालॉजी सेंटर 01 हजार रुपये, एक्सरे क्लीनिक 02 हजार रुपये, डेंटल क्लीनिक 04 हजार रुपये, प्राइवेट क्लीनिक 03 हजार रुपये, लांड्री 05 सौ रुपये, ड्राई क्लीनर 01 हजार रुपये से ढाई हजार रुपये तक, फाइनेंस कंपनी व चिट फंड कंपनी 06 हजार रुपये, इंश्योरेंश कंपनी प्रति शाखा 12 हजार रुपये, फाउंडिंग इंजीनियरिंग इंडस्ट्रियल 12 सौ रुपये, बीयर बार 06 हजार रुपये, आइस फैक्ट्री 100 रुपये, बिल्डर्स 05 हजार रुपये, देसी शराब 06 हजार रुपये, विदेशी शराब 12 हजार रुपये सालाना लाइसेंस फीस है।
डीएम को लिखी चिट्ठी
शराब की दुकानों से लाइसेंस फीस वसूलने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। जल्द ही इसके परिणाम आएंगे।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त
आबकारी अधिनियम में नहीं है प्रावधान
आबकारी अधिनियम में नगर निगम को लाइसेंस फीस देने का कोई प्रावधान नहीं है। चिट्ठी आई है। एक दो दिन में जवाब तैयार कर भेजा जाएगा। नगर निगम में यदि लाइसेंस फीस लेने का प्रावधान है तो वह दुकानदारों को नोटिस जारी करे।
- आरएस गुप्ता, आबकारी अधिकारी