झांसी। पानी वाली धर्मशाला के निकट स्थित हजारिया महादेव मंदिर अपने आप में अनूठा है। एक बार में यहां 1001 शिवलिंगों का अभिषेक हो जाता है। यही वजह है कि साल भर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। खासतौर पर महाशिवरात्रि पर यहां दूर-दूर से श्रद्धालु शिवजी के दर्शन व पूजन करने आते हैं।
हजारिया महादेव मंदिर में शिवजी का विशाल शिवलिंग स्थापित है। शिवलिंग के ऊपरी गोल घेरे पर दस चकों में छोटे - छोटे एक हजार शिवलिंग बने हुए हैं। यही वजह है कि एक बार में यहां 1001 शिवलिंगों का अभिषेक हो जाता है। मंदिर झांसी के इतिहास से जुड़ा है। इसका निर्माण 17वीं शताब्दी में गुसांई साधुओं ने कराया था। महारानी लक्ष्मीबाई भी यहां महादेव के दर्शन के लिए आती थीं। पुजारी प्रमिल पंडा के अनुसार 11 मार्च को शिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त से अभिषेक शुरू हो जाएगा। दोपहर में भगवान का दूल्हा स्वरूप में श्रृंगार होगा, जबकि, रात में अनुष्ठान होगा।
अभी कठिन है मंदिर की डगर
झांसी। हजारिया महादेव मंदिर के सामने स्थित पानी वाली धर्मशाला के जीर्णोद्धार का काम किया जा रहा है। इसके लिए यहां से धर्मशाला में जमा गंदगी निकाली जा रही है, जो ट्रैक्टरों से ले जाई जा रही है। इससे पंचकुइयां से मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता गंदगी से पटा पड़ा है। इससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। शिवरात्रि तक स्थिति में सुधार न होने पर श्रद्धालुओं को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।