झांसी। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को जिले के बेसिक शिक्षा परिषद के 100 जूनियर हाईस्कूलों में ‘महिला चौपाल’ का आयोजन होगा। चौपाल में आम महिलाओं को बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रत्येक महिला चौपाल के लिए पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।
आर्थिक कमजोरी एवं सामाजिक रूढ़िवादिता सहित कई कारणों के चलते नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कई बालिकाएं शिक्षा हासिल नहीं कर पाती हैं। ऐसे में कई मौकों पर शासन द्वारा बालिकाओं की शिक्षा के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाता रहा है। इसी जन जागरूकता अभियान के क्रम में शासन ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला चौपाल लगाने का निर्णय लिया है।
बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक देवेंद्र सिंह के मुताबिक जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के सौ उच्च प्राथमिक विद्यालयों में यह महिला चौपाल लगाई जाएगी। चौपाल में विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, मीना मंच के सदस्य, पंचायत के प्रतिनिधि एवं विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक प्रतिभाग करेंगे।
चौपाल के माध्यम से शिक्षा अधिकारी, शिक्षक एवं प्रबुद्ध वर्ग जहां लोगों को बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक करेंगे, वहीं बालिकाओं एवं अभिभावकों की समस्याएं भी जानेंगे और उनके निस्तारण का प्रयास करेंगे। यह चौपाल प्रत्येक ब्लाक के 12 एवं नगर क्षेत्र के चार उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगाई जाएगी। प्रत्येक चौपाल के लिए पांच- पांच हजार रुपये शासन से निर्गत हुए हैं।
बालिका शिक्षा में योगदान देने वालों का होगा सम्मान
महिला दिवस आठ मार्च को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत जनपद स्तरीय मेला लगेगा। मेला में पांच महिला प्रधान, पांच शिक्षिकाओं, मीना मंच की पांच ऐसी सदस्यों को जिन्होंने बालिका शिक्षा में उल्लेखनीय प्रयास एवं योगदान दिया है, सम्मानित किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक के अनुसार शासन ने मेला के लिए 80 हजार रुपये की धनराशि निर्गत की है। जल्द ही मेला का स्थल चयन कर लिया जाएगा।