झांसी। उमरा पर जाने वाले सौ से अधिक जायरीनों के दिल की हसरत पूरी नहीं हो सकेगी। कोरोना के चलते सऊदी की सरकार ने उमरा करने वाले जायरीनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में जिले से 16 मार्च को उमरा पर जाने वाले जायरीनों को झटका लगा है। साथ ही टूर ट्रेवल्स के संचालकोें को भी तगड़ा झटका लगा है।
हजयात्रा के अलावा मुस्लिम समुदाय के लोग मक्का और मदीना उमरा करने के लिए भी जाते हैं। जिले से भी बड़ी तादाद में जायरीन उमरा करने के लिए जाते हैं। कोरोना वायरस के चलते सऊदी सरकार ने उमरा करने के लिए सऊदी आने वाले जायरीनों पर रोक लगा दी है। जिले से सौ से अधिक लोगों को उमरा पर जाना था। ऐसे में रोक की खबर मिलने के बाद जायरीनों में मायूसी छा गई। सभी लोगों ने पहले से ही दिल में अरमान सजाकर रख लिए थे। इबादत को लेकर भी जायरीन बेकरार थे। ऐसे में खबर पुख्ता होने के बाद सभी को झटका लगा है। अब सभी को अगले फरमान का इंतजार है। जायरीनों ने जल्द जाने के लिए दुआएं भी शुरू कर दी हैं। सूफिया ट्रेवल्स हज उमरा टूर सर्विसेस के संचालक हाजी मजहर खान ने बताया कि वह कई लोगों को साथ ले जाने की तैयारी में थे, लेकिन रोक के बाद वह भी मायूस हो गए हैं।
प्रति व्यक्ति आता है करीब 63 हजार रुपये खर्च
उमरा में प्रति व्यक्ति करीब 63 हजार रुपये खर्च आता है। इसमें खाना-पीना, होटल, एयरलाइंस टिकट, वीजा, फुल ट्रांसपोटेशन, मक्के व मदीने की जियारतें इस खर्च में शामिल हैं। बताया गया है कि सभी की रकम वापसी की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
यात्रा पर रोक लगने से मन उदास है। यात्रा पर जाने की पूरी तैयारी कर ली थी। जैसे ही यात्रा पर लगा प्रतिबंध खत्म होगा वह उमरा पर जाएंगे।
फैजान जुबेर
मैंने भी यात्रा पर जाने की तैयारी कर ली थी। मुकद्दस स्थान पर जाकर दुआ करनी थी। अब इंशाअल्लाह हज करने के लिए ही जाऊंगा।
जावेद